


Uttarakhand: नए साल में प्रदेश सरकार एकल महिलाओं के लिए बड़ी पहल करने जा रही है। पहली बार शुरू हो रही मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत अगले महीने से पात्र महिलाओं को योजना का लाभ दिया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत अब तक 504 पात्र महिलाओं की सूची को अंतिम रूप दे दिया गया है। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने सचिवालय में आयोजित विभागीय बैठक के दौरान कहा कि इस योजना का उद्देश्य एकल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे सम्मान के साथ अपना जीवन यापन कर सकें।
बैठक के दौरान विभागीय मंत्री ने नंदा गौरा योजना की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्रदेश के 11 जिलों की लाभार्थियों की अंतिम सूची तैयार कर ली गई है। इन जिलों में 34,852 इंटरमीडिएट उत्तीर्ण छात्राएं और 6,021 नवजात बालिकाएं शामिल हैं। मंत्री ने बताया कि इन सभी लाभार्थियों को निर्धारित धनराशि का वितरण फरवरी के प्रथम सप्ताह में आयोजित विशेष कार्यक्रम के माध्यम से किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने शेष दो जिलों की लाभार्थी सूची को भी जल्द से जल्द अंतिम रूप देने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
रेखा आर्या ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत 504 महिलाओं की सूची के साथ-साथ 331 अन्य पात्र महिलाओं की सूची को भी अंतिम चरण में तैयार किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को दो लाख रुपये की परियोजना पर 75 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाएगी, जिससे वे स्वरोजगार के माध्यम से अपने पैरों पर खड़ी हो सकेंगी।
बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हितों से जुड़े एक महत्वपूर्ण निर्णय की भी जानकारी दी गई। विभागीय मंत्री ने बताया कि प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सेवानिवृत्ति के बाद एक अप्रैल से एक लाख रुपये की धनराशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि आगामी वित्तीय वर्ष में इस राशि को और बढ़ाने की तैयारी की जा रही है, ताकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अधिक आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
इसके अलावा प्रदेश सरकार वृद्ध महिलाओं के लिए भी एक नई योजना लाने की तैयारी में है। मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस प्रस्तावित योजना का उद्देश्य वृद्ध महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक, स्वास्थ्य और भावनात्मक संबल प्रदान करना है। योजना का स्वरूप तय करने से पहले अधिकारी गांव-गांव जाकर वृद्ध महिलाओं का सर्वे करेंगे और उनकी जरूरतों व सुझावों के आधार पर ही योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।
इस बैठक में विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंसीलाल राणा, उपनिदेशक विक्रम सिंह, मोहित चौधरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

