


उत्तराखंड: भारतीय अंडर-19 टीम के होनहार बल्लेबाज़ लक्ष्य राय चंदानी और राइट-आर्म मीडियम पेस गेंदबाज़ आदित्य रावत ने उत्तराखंड क्रिकेट को एक और गौरवपूर्ण क्षण दिया है। दोनों खिलाड़ियों का चयन रणजी ट्रॉफी टीम में किया गया है, जो उनकी मेहनत, निरंतर प्रदर्शन और प्रतिभा का बड़ा प्रमाण माना जा रहा है। हाल ही में लक्ष्य और आदित्य ने इंडिया ए, अफगानिस्तान और भारत बी के बीच आयोजित त्रिकोणीय श्रृंखला में हिस्सा लिया था, वहीं वे 2025-26 चैलेंजर ट्रॉफी का भी हिस्सा रहे हैं। बीते कुछ वर्षों में अपने शानदार खेल के दम पर दोनों खिलाड़ियों ने पूरे देश में उत्तराखंड का नाम रोशन किया है।
लक्ष्य राय चंदानी का क्रिकेट सफर लगातार नई ऊंचाइयों को छूता नजर आ रहा है। 2023-24 की अंडर-16 विजय मर्चेंट ट्रॉफी में उन्होंने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने उन्हें देशभर में पहचान दिला दी। पांच मैचों में एक दोहरा शतक, तीन शतक और दो अर्धशतकों की मदद से लक्ष्य ने 138.83 की शानदार औसत से कुल 833 रन बनाए और टूर्नामेंट के सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज़ बने। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के लिए उन्हें बीसीसीआई के प्रतिष्ठित नमन अवार्ड से सम्मानित किया गया, जो किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
इसके बाद 2024-25 सत्र में अंडर-19 वीनू मांकड़ (वनडे) ट्रॉफी में लक्ष्य ने एक शतक की बदौलत 191 रन जोड़े, जबकि कूच बिहार ट्रॉफी में उन्होंने एक शतक और दो अर्धशतकों के साथ 396 रनों का योगदान दिया। मौजूदा सत्र 2025-26 में भी उनका बल्ला लगातार रन उगलता रहा है। अंडर-19 वीनू मांकड़ ट्रॉफी के पांच मैचों में 103, 76, 76, 42 और 11 रनों की पारियों के साथ लक्ष्य ने कुल 308 रन बनाए और एक बार फिर अपनी निरंतरता का परिचय दिया।
दूसरी ओर, आदित्य रावत ने अपनी धारदार और अनुशासित गेंदबाज़ी से चयनकर्ताओं का भरोसा जीता है। भारतीय अंडर-19 टीम के इस युवा तेज़ गेंदबाज़ ने राइट-आर्म मीडियम पेस के जरिए विपक्षी बल्लेबाज़ों को लगातार परेशान किया है। अंडर-19 स्तर पर अब तक करीब 15 मैच खेल चुके आदित्य ने 12 से अधिक विकेट अपने नाम किए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 34 रन देकर चार विकेट रहा है, जबकि उनका गेंदबाज़ी औसत लगभग 22 और इकॉनमी रेट चार रन प्रति ओवर के आसपास है। 2024-25 सत्र में वे सीके नायडू ट्रॉफी टीम का भी हिस्सा रह चुके हैं, जहां उन्होंने अपने खेल से टीम मैनेजमेंट को प्रभावित किया।
लक्ष्य और आदित्य, दोनों का क्रिकेट से जुड़ाव बेहद कम उम्र में शुरू हो गया था। मात्र आठ साल की उम्र से उन्होंने बल्ला और गेंद थाम ली थी। पिछले पांच वर्षों से दोनों खिलाड़ी जीएनजी क्रिकेट एरैना में कोच अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में नियमित प्रशिक्षण ले रहे हैं। उनकी इस बड़ी उपलब्धि पर जीएनजी की डायरेक्टर पूजा कांडपाल और मैनेजिंग डायरेक्टर दिग्विजय कनवाल ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। यह चयन न केवल इन युवा खिलाड़ियों के लिए, बल्कि उत्तराखंड क्रिकेट के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

