



ऋषिकेश: मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने ऋषिकेश क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए वीरभद्र रोड स्थित वीरभद्र शिव मंदिर के निकट किए गए अनाधिकृत निर्माण को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मच गया।
एसडीएम एवं एमडीडीए के पीठासीन अधिकारी योगेश मेहरा ने बताया कि वीरभद्र रोड के पास स्थित उक्त निर्माण भावेश जोशी सहित अन्य लोगों द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृत कराए किया जा रहा था। करीब 15 गुणा 50 फीट के क्षेत्रफल में भू-तल पर छत डाल दी गई थी और प्रथम तल की छत पर शटरिंग का कार्य भी किया जा चुका था। नियमों के उल्लंघन को देखते हुए बीते वर्ष 10 दिसंबर को ही अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के आदेश पारित कर दिए गए थे। इसके बावजूद निर्माणकर्ता द्वारा निर्धारित समयावधि में निर्माण नहीं हटाया गया। सात जनवरी को क्षेत्रीय अभियंता द्वारा इस संबंध में प्राधिकरण को अवगत कराया गया, जिसके बाद मंगलवार को एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।
इसी क्रम में तपोवन क्षेत्र में भी अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की गई। जिलाधिकारी एवं जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण टिहरी गढ़वाल की उपाध्यक्ष नितिका खंडेलवाल के निर्देश पर विकासखंड नरेंद्रनगर स्थित तपोवन में चल रहे तीन निर्माण कार्यों को सील कर दिया गया। सील की गई निर्माण इकाइयों में अंकुर मलिक, मनमोहन पोखरियाल और सूर्य कुमार के निर्माण शामिल हैं। इस कार्रवाई को जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण की टीम ने अंजाम दिया।
कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता पंकज पाठक, कनिष्ठ अभियंता विपिन कोठारी, रघुवीर सिंह और सूरज जोशी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट किया गया है कि क्षेत्र में अनाधिकृत निर्माण के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

