

Uttarakhand: प्रदेश में 21 फरवरी से शुरू होने जा रही उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए शिक्षा विभाग ने कड़े इंतजाम किए हैं। बोर्ड के सचिव विनोद सिमल्टी ने बताया कि परीक्षा के दौरान नकल जैसी किसी भी अनियमितता को रोकने के लिए संवेदनशील और अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। ऐसे केंद्रों में वरिष्ठ प्रधानाचार्य और अनुभवी प्रधानाध्यापकों को पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया जाएगा, ताकि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह सुचारु और निष्पक्ष बनी रहे।
बोर्ड सचिव के अनुसार इस वर्ष परीक्षाओं के लिए प्रदेश भर में कुल 1261 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 156 केंद्रों को संवेदनशील और छह केंद्रों को अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था के तहत 50 एकल और 1211 मिश्रित केंद्र बनाए गए हैं। नकल पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी जिलों में मुख्य शिक्षा अधिकारियों की अध्यक्षता में बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनमें सचल दलों का गठन किया जाएगा। इसके अलावा राज्य स्तर पर भी विशेष सचल दल तैयार किए गए हैं, जो परीक्षा केंद्रों पर औचक निरीक्षण करेंगे।
बोर्ड सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि दिव्यांग छात्र-छात्राओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। परीक्षा में उन्हें प्रति घंटे 20 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। यदि किसी परीक्षा की अवधि तीन घंटे की है, तो ऐसे विद्यार्थियों को एक घंटे का अतिरिक्त समय उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे बिना किसी दबाव के परीक्षा दे सकें।
परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों की संख्या भी काफी बड़ी है। सचिव विनोद सिमल्टी के अनुसार हाईस्कूल परीक्षा में कुल 1,10,573 संस्थागत और 2,106 व्यक्तिगत छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। वहीं इंटरमीडिएट परीक्षा में 99,345 संस्थागत और 4,097 व्यक्तिगत छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। बोर्ड का दावा है कि सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और परीक्षाएं शांतिपूर्ण व नकलमुक्त वातावरण में संपन्न कराई जाएंगी।







