



ऋषिकेश में इस बार छठे वसंतोत्सव का आयोजन बेहद धूमधाम और श्रद्धा के साथ किया जा रहा है। उत्सव का तीसरा दिन विशेष रूप से रंग और समाजसेवा की झलक पेश करता नजर आया। इस अवसर पर श्री भरत मंदिर पब्लिक स्कूल के परिसर में आयोजित कला प्रतियोगिता ने बच्चों और युवाओं की रचनात्मक प्रतिभा को उजागर किया। राज्य भर के स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने अपनी कलात्मक क्षमताओं का प्रदर्शन किया, जिससे परिसर भक्तिमय और जीवंत वातावरण से भर गया। प्रतियोगिता में विभिन्न वर्गों में विजेताओं को सम्मानित किया गया और निर्णायकों ने सभी प्रतिभागियों की मेहनत और कला कौशल की सराहना की।

कला प्रतियोगिता के बाद उत्सव का सामाजिक पक्ष भी प्रमुखता से सामने आया। स्व. महंत अशोक प्रपन्नाचार्य की स्मृति में आयोजित रक्तदान शिविर में कुल 428 यूनिट रक्त एकत्र किया गया। इसमें से एम्स ऋषिकेश को 123 यूनिट, हिमालयन हॉस्पिटल को 126 यूनिट और परिवर्तन चैरिटेबल ट्रस्ट को 179 यूनिट रक्त प्रदान किया गया। महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य महाराज ने सभी दाताओं को उनके इस पुण्य कार्य के लिए आभार व्यक्त किया और रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डाला। इस दौरान नगर निगम के अधिकारियों, पार्षदों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी उपस्थित रहकर शिविर की सफलता में योगदान दिया।
इस तरह वसंतोत्सव ने न केवल सांस्कृतिक और कलात्मक गतिविधियों को बढ़ावा दिया, बल्कि समाज सेवा और मानवता की भावना को भी जागृत किया। भजन-कीर्तन और कला के माध्यम से बच्चों और युवाओं में प्रतिभा को निखारा गया, वहीं रक्तदान शिविर ने समाज के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग की मिसाल पेश की। यह उत्सव ऋषिकेश के लोगों के लिए न केवल मनोरंजन और कलात्मक आनंद का माध्यम बना, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और सांस्कृतिक मूल्य भी सशक्त रूप में प्रस्तुत करता है।

