

उत्तराखंड के देहरादून में हर साल आयोजित होने वाले ऐतिहासिक श्री झंडा जी मेले को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में 10 मार्च को श्री झंडा जी की भव्य नगर परिक्रमा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। इस धार्मिक आयोजन के दौरान शहर के कई प्रमुख इलाकों में भीड़ बढ़ने और यातायात प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पहले ही ट्रैफिक एडवाइजरी जारी कर दी है। लोगों से अपील की गई है कि वे निर्धारित मार्गों और वैकल्पिक रास्तों का पालन करें, ताकि किसी तरह की असुविधा या जाम की स्थिति से बचा जा सके।
नगर परिक्रमा दरबार साहिब परिसर से शुरू होकर शहर के कई प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी। शोभायात्रा सहारनपुर चौक, कांवली रोड, एसजीआरआर बिंदाल, तिलक रोड, बिंदाल कट, घंटाघर, पल्टन बाजार, लक्खीबाग और बॉम्बे बाग होते हुए फिर सहारनपुर चौक के रास्ते दरबार साहिब पहुंचेगी। इस दौरान इन इलाकों में भारी भीड़ रहने की संभावना है, क्योंकि इस पावन अवसर पर उत्तराखंड ही नहीं बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु देहरादून पहुंचते हैं।
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार नगर परिक्रमा के दौरान कई स्थानों पर वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोकी जाएगी और कुछ मार्गों पर ट्रैफिक को डायवर्ट किया जाएगा। उदाहरण के तौर पर सहारनपुर चौक की ओर आने वाले वाहनों को कांवली रोड से आगे नहीं जाने दिया जाएगा और उन्हें दूसरे रास्तों की ओर भेजा जाएगा। इसी तरह पटेलनगर मंडी और बल्लीवाला से आने वाले ट्रैफिक को भी वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ा जाएगा, ताकि शोभायात्रा के रास्ते में किसी तरह की बाधा न आए।
तिलक रोड, बिंदाल चौक और घंटाघर जैसे व्यस्त इलाकों में भी ट्रैफिक पर विशेष नियंत्रण रखा जाएगा। नगर परिक्रमा के दौरान इन क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही सीमित रहेगी और आवश्यकता पड़ने पर कुछ समय के लिए पूरी तरह बंद भी की जा सकती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती की जाएगी।
प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि नगर परिक्रमा के दौरान जिन मार्गों पर शोभायात्रा गुजर रही हो, वहां जाने से बचें और यदि जरूरी हो तो केवल वैकल्पिक मार्गों का ही इस्तेमाल करें। साथ ही लोगों से सहयोग करने और ट्रैफिक नियमों का पालन करने की भी अपील की गई है, ताकि यह धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।







