

इज़राइल और ईरान के बीच जारी तनाव और युद्ध का असर अब देश के कई हिस्सों की तरह देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है। खाड़ी देशों से एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की उपलब्धता पर असर पड़ा है। शहर की कई गैस एजेंसियों में पिछले छह दिनों से घरेलू गैस की नई खेप नहीं पहुंची, जिससे उपभोक्ताओं की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति बाधित होने से होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
शहर की प्रमुख गैस एजेंसियों में स्थिति का जायजा लेने पर सामने आया कि कई जगहों पर सिलिंडरों का बैकलॉग तेजी से बढ़ रहा है। त्रिवेणी इंडेन गैस एजेंसी के संचालक सुनील सेमवाल के अनुसार पिछले छह दिनों से एजेंसी में एक भी गैस का ट्रक नहीं पहुंचा है। उन्होंने बताया कि आखिरी बार छह दिन पहले गाजियाबाद के लोनी से गैस का ट्रक आया था और उसी गैस का वितरण शनिवार तक किया गया। इसके बाद से नई आपूर्ति न आने के कारण उपभोक्ताओं को इंतजार करना पड़ रहा है। एजेंसी में मंगलवार दोपहर तक करीब 881 घरेलू और 250 व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की ऑनलाइन बुकिंग दर्ज हो चुकी थी।
आशुतोष नगर स्थित अंकुर गैस एजेंसी में भी स्थिति कुछ बेहतर नहीं है। यहां आठ मार्च को तीन ट्रक गैस पहुंचे थे, जबकि मंगलवार को केवल एक ट्रक आया। एजेंसी में इस समय करीब 743 सिलिंडरों का बैकलॉग बताया जा रहा है। इसी तरह इंदिरानगर की आशुतोष गैस सर्विस में रविवार और सोमवार को गैस की आपूर्ति नहीं हुई, जबकि मंगलवार को एक ट्रक गैस पहुंची है, जिसका वितरण बुधवार को किया जाएगा। सामान्य दिनों में यहां प्रतिदिन एक ट्रक, यानी करीब 342 सिलिंडर गैस की आपूर्ति होती थी। इसके अलावा उमा गैस और ऋषि गैस एजेंसी में भी गैस की आपूर्ति प्रभावित होने की जानकारी मिली है।
गैस की कमी के बीच पूर्ति विभाग और पुलिस प्रशासन भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। शहर और आसपास की गैस एजेंसियों से प्रतिदिन गैस की आपूर्ति और वितरण का विवरण लिया जा रहा है। पुलिस और स्थानीय अभिसूचना इकाई भी एजेंसियों से जानकारी एकत्रित कर शासन को भेज रही है। दूसरी ओर उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। गैस की डिलीवरी समय पर न होने के कारण लोग एजेंसियों में फोन कर जानकारी ले रहे हैं, जबकि कई उपभोक्ता सीधे एजेंसी पहुंचकर सिलिंडर की स्थिति के बारे में पूछताछ कर रहे हैं।
युद्ध का असर गैस की कीमतों पर भी दिखाई देने लगा है। सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलिंडर के साथ-साथ कमर्शियल सिलिंडरों की कीमतों में भी बढ़ोतरी कर दी है। इसके साथ ही व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति बाधित होने से होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि उनके कारोबार का संचालन सीधे गैस पर निर्भर है।
इस बीच सरकार ने गैस सिलिंडर बुकिंग से जुड़ा नियम भी बदल दिया है। पहले उपभोक्ता 21 दिन बाद नया सिलिंडर बुक कर सकते थे, लेकिन अब यह अवधि बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है। इससे कई घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही कई उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस बुक कराने के बाद भी चार से पांच दिन तक सिलिंडर की डिलीवरी नहीं हो पा रही है, जिससे घरेलू रसोई के साथ-साथ होटल और रेस्टोरेंट का संचालन भी प्रभावित हो रहा है।
एलपीजी की किल्लत का असर होटल और पर्यटन कारोबार पर भी पड़ने लगा है। होटल एसोसिएशन ऋषिकेश के सचिव राजीव शर्मा का कहना है कि यदि गैस की आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो इसका प्रभाव अप्रैल से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा पर भी पड़ सकता है। वहीं होटल व्यवसायी हेमंत डंग के अनुसार व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति बंद होने से होटल संचालकों को काफी दिक्कत हो रही है। अगर गैस के विकल्प के तौर पर दूसरे संसाधनों का इस्तेमाल किया जाता है तो भोजन तैयार करने की लागत बढ़ेगी, जिसका असर कारोबार और ग्राहकों दोनों पर पड़ेगा।
जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल का कहना है कि कुछ गैस एजेंसियों में घरेलू गैस की आपूर्ति नियमित रूप से हो रही है, जबकि जिन एजेंसियों में आपूर्ति प्रभावित हुई है, उसके कारणों की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति पीछे से बाधित होने के कारण यह स्थिति पैदा हुई है, जिसे जल्द सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।







