


उत्तराखंड में नए शैक्षणिक सत्र से पहले राज्य सरकार ने स्कूल आने-जाने वाले बच्चों के परिवारों को बड़ी राहत देते हुए स्कूल बस और वैन के किराए को लेकर अहम फैसला लिया है। लंबे समय से अभिभावकों की शिकायत थी कि अलग-अलग स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से परिवहन शुल्क वसूला जाता है, जिससे हर साल नए सत्र की शुरुआत में माता-पिता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता था। अब परिवहन प्राधिकरण ने दूरी के आधार पर किराया तय कर दिया है, जिससे फीस में पारदर्शिता आएगी और अभिभावकों को पहले से स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी कि उन्हें कितना भुगतान करना होगा।
नए नियमों के अनुसार स्कूल बस से आने-जाने वाले बच्चों के लिए 1 से 5 किलोमीटर तक की दूरी का मासिक किराया 2200 रुपये निर्धारित किया गया है। 10 से 20 किलोमीटर की दूरी के लिए 2700 रुपये और 20 से 30 किलोमीटर तक के लिए 3200 रुपये तय किए गए हैं। वहीं 30 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करने वाले छात्रों के लिए बस का किराया 3700 रुपये रखा गया है।
सिर्फ बस ही नहीं, बल्कि स्कूल वैन के किराए को भी दूरी के अनुसार तय कर दिया गया है ताकि सभी परिवहन माध्यमों में एकरूपता बनी रहे। वैन से आने-जाने पर 1 से 5 किलोमीटर की दूरी के लिए 2100 रुपये, 5 से 10 किलोमीटर के लिए 2500 रुपये और 10 से 20 किलोमीटर के लिए 3000 रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा 20 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करने वाले छात्रों के लिए वैन का किराया 3500 रुपये तय किया गया है।
इस फैसले से उम्मीद है कि अभिभावकों को राहत मिलेगी, मनमानी वसूली पर रोक लगेगी और स्कूल परिवहन व्यवस्था अधिक व्यवस्थित व पारदर्शी बनेगी।







