

ऋषिकेश | देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमेंद्र सिंह डोभाल ने ऋषिकेश क्षेत्र में अवैध गतिविधियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए आई.डी.पी.एल. (IDPL) चौकी के समस्त स्टाफ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पुलिस कप्तान की इस कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मच गया है।
आधी रात को होटल नवरंग पर छापेमारी
मामला हरिद्वार रोड स्थित होटल नवरंग का है। एसएसपी देहरादून को गोपनीय सूचना मिली थी कि इस होटल में बड़े स्तर पर जुए का काला कारोबार चल रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने स्थानीय पुलिस को भनक लगे बिना क्षेत्राधिकारी (CO) ऋषिकेश के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की।
बीती रात पुलिस टीम ने जब होटल पर अचानक छापेमारी की, तो वहां बड़े स्तर पर जुआ खेलते हुए लोग पकड़े गए। मौके से भारी मात्रा में नकदी और अन्य सामग्री बरामद होने की सूचना है।
चौकी प्रभारी समेत 12 पुलिसकर्मी सस्पेंड
इस छापेमारी के बाद स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली और खुफिया तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। एसएसपी ने जांच में पाया कि जिस क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर अवैध गतिविधियां संचालित हो रही थीं, वहां स्थानीय चौकी द्वारा न तो नियमित चेकिंग की गई और न ही सत्यापन अभियान चलाया गया।
एसएसपी दून ने इसे ‘कर्तव्य पालन में घोर लापरवाही’ मानते हुए निम्नलिखित कदम उठाए:
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- चौकी प्रभारी IDPL को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया।
- चौकी में तैनात सभी 11 अन्य पुलिसकर्मियों को भी निलंबित कर दिया गया।
- लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
”अवैध गतिविधियों और नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। जो भी पुलिसकर्मी अपने क्षेत्र में सूचना संकलन और प्रभावी चेकिंग में नाकाम रहेगा, उस पर इसी तरह की कठोर कार्रवाई की जाएगी।”
— एसएसपी, देहरादून
क्षेत्र में हड़कंप
एक साथ पूरी चौकी के स्टाफ को सस्पेंड किए जाने की इस घटना ने स्पष्ट संदेश दिया है कि ड्यूटी में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वर्तमान में होटल नवरंग मामले में कानूनी कार्रवाई जारी है और संलिप्त अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।







