ऋषिकेश। कोतवाली पुलिस ने दुकानों के शटर और ताले तोड़कर चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के दो शातिर चोरों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इनका तीसरा साथी फिलहाल फरार है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से चोरी की कुछ नकदी, एटीएम, चेकबुक और पहचान पत्र बरामद हुए हैं।
कोतवाल यशपाल सिंह बिष्ट ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि क्षेत्र में चोरी की दो बड़ी वारदातें सामने आई थीं। पहली घटना 12 अप्रैल की है, जब चोरों ने हरिद्वार रोड स्थित कृष्णा मिष्ठान भण्डार का शटर तोड़कर गल्ले से करीब 55 हजार रुपये उड़ा दिए थे। इसके बाद 23 जून को देहरादून रोड स्थित न्यू कैलाश मेडिकल हॉल का ताला तोड़कर चोरों ने 23 हजार रुपये की नकदी और जरूरी दस्तावेज साफ कर दिए थे। ये दोनों ही घटनाएं दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थीं।
लगातार हो रही चोरियों के बाद पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी थीं। इसी बीच पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि खाण्ड गांव जाने वाले मार्ग पर अंडरपास के पास कुछ संदिग्ध युवक किसी नई वारदात को अंजाम देने की फिराक में बैठे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दोनों आरोपियों को दबोच लिया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान विवेक गोयल और विक्रम के रूप में हुई है, दोनों हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले हैं। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने अपने तीसरे साथी नवीन उर्फ बाली के साथ मिलकर ऋषिकेश की इन दोनों दुकानों में चोरी की थी। आरोपियों ने बताया कि चोरी की अधिकांश नकदी उन्होंने नशे और अपने निजी खर्चों में उड़ा दी है। पुलिस ने फरार आरोपी नवीन उर्फ बाली को भी चिन्हित कर लिया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।

