
देहरादून। कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने और अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस कार्यालय देहरादून में आयोजित मासिक अपराध गोष्ठी (क्राइम मीटिंग) के दौरान एसएसपी प्रेमेंन्द्र सिंह डोभाल ने जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में कार्य के प्रति लापरवाही व शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों को कड़ी हिदायत देते हुए स्पष्ट चेतावनी दी गई कि पुलिसिंग में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर निलंबन जैसी कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जारी मुख्य दिशा-निर्देश:
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CCTNS पोर्टल अपडेट: सीसीटीएनएस (CCTNS) के विभिन्न पोर्टलों पर समय से सूचनाएं अपडेट न करने पर एसएसपी ने नाराजगी जाहिर करते हुए सभी थाना प्रभारियों को नियमित रूप से डेटा अध्यावधिक (अपडेट) करने के कड़े निर्देश दिए।
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लंबित विवेचनाएं: सर्किलवार समीक्षा के दौरान विवेचनाओं को बेवजह लंबित रखने वाले अधिकारियों और विवेचकों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। एसएसपी ने कहा कि यदि जांच में अनावश्यक देरी हुई, तो विवेचक के साथ-साथ संबंधित थाना प्रभारी (SO/SHO) की भी जवाबदेही तय की जाएगी।
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गश्त और पुलिस विजिबिलिटी: शाम और रात की चेकिंग/गश्त को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई जाएगी। रात में राजपत्रित अधिकारी खुद क्षेत्र में भ्रमण कर चेकिंग का जायजा लेंगे और ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों की रिपोर्ट भेजेंगे।
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पीड़ितों की सुनवाई: थानों में आने वाले फरियादियों की शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। शिकायती प्रार्थना पत्रों को किसी भी स्थिति में अटकाकर रखने पर थाना प्रभारी सीधे जिम्मेदार होंगे।
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साइबर अपराध: ई-जीरो एफआईआर और नेशनल क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में ढिलाई बरतने वालों को कड़ी फटकार लगाई गई। साइबर मामलों के जल्द से जल्द वैधानिक निस्तारण के आदेश दिए गए।
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नशा तस्करों पर कसता शिकंजा: एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत समीक्षा करते हुए आदतन नशा तस्करों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई और उनकी अवैध संपत्ति को जब्त करने के निर्देश जारी किए गए।
एसएसपी प्रेमेंन्द्र डोभाल के इस कड़े रुख से महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि जनहित व जनसुरक्षा ही पुलिस की प्राथमिक प्राथमिकता होनी चाहिए।

