



Uttarakhand: गढ़वाल मंडल के आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने आगामी चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियों की सख्त समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा मार्गों की बदहाल स्थिति को अब किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और 15 मार्च तक सड़कों से जुड़ी सभी कमियों को दूर करना अनिवार्य होगा। तय समयसीमा तक काम पूरा नहीं होने पर संबंधित विभागों और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ऋषिकेश स्थित चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में आयोजित समीक्षा बैठक में आयुक्त ने सात जिलों के जिलाधिकारियों, राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग और अन्य विभागों के अधिकारियों से यात्रा तैयारियों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने साफ कहा कि चारधाम यात्रा सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि राज्य की प्रतिष्ठा और आस्था से जुड़ा विषय है, ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। पिछले वर्ष यात्रा के दौरान सामने आई समस्याओं और यात्रियों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए इस बार पहले से बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

आयुक्त ने खास तौर पर चमोली जिले में सड़कों की स्थिति को लेकर गहरी नाराजगी जताई और लोक निर्माण विभाग के कामकाज पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सड़कें समय पर दुरुस्त न होने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिससे प्रशासन की छवि भी प्रभावित होती है। इसके साथ ही उन्होंने बिजली, पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य बुनियादी सुविधाओं को भी समय रहते दुरुस्त करने पर जोर दिया, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
यात्रियों की आवाजाही को सुचारू बनाने के लिए परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए। आयुक्त ने कहा कि निजी बस यूनियनों के साथ बैठक कर समन्वय बनाया जाए, ताकि यात्रा के दौरान जाम और अव्यवस्था की स्थिति न बने। उन्होंने दो टूक कहा कि चारधाम यात्रा से जुड़े सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ काम करें और तय समयसीमा के भीतर हर स्तर पर तैयारियां पूरी की जाएं, क्योंकि इस बार किसी भी तरह की ढिलाई पर सख्त कार्रवाई तय है।

