



उत्तराखंड सरकार ने बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें नए करियर विकल्पों से जोड़ने की दिशा में एक अहम पहल की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि राज्य की छात्राओं को अब शेफ बनने और प्रोफेशनल कुकरी कोर्स करने के लिए विशेष स्कॉलरशिप और फेलोशिप दी जाएगी। इस योजना का उद्देश्य बेटियों को होटल मैनेजमेंट, कुकरी आर्ट्स और शेफिंग जैसे आधुनिक व रोजगारपरक क्षेत्रों में आगे बढ़ने का अवसर देना है, ताकि वे अपने हुनर के दम पर देश-विदेश में पहचान बना सकें।
मुख्यमंत्री ने यह घोषणा ‘श्रीअन्न आधारित शेफ संवाद’ कार्यक्रम के दौरान की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पारंपरिक पाक कला और मोटे अनाज आधारित व्यंजन राज्य की सांस्कृतिक पहचान हैं, जिन्हें लोकल से ग्लोबल बनाने की जरूरत है। सरकार चाहती है कि राज्य की बेटियां न केवल इन पारंपरिक स्वादों को संजोएं, बल्कि आधुनिक तकनीकों के साथ उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाएं। इसके लिए पर्यटन और कौशल विकास विभाग मिलकर एक ठोस कार्ययोजना तैयार करेंगे, जिससे छात्राओं को प्रशिक्षण, आर्थिक सहायता और बेहतर प्लेटफॉर्म मिल सके।
धामी ने कहा कि यह योजना सिर्फ आर्थिक मदद तक सीमित नहीं रहेगी। चयनित छात्राओं को विशेष प्रशिक्षण, इंडस्ट्री एक्सपोजर और जरूरत पड़ने पर विदेश में प्रशिक्षण के अवसर भी दिए जाएंगे। इससे बेटियां वैश्विक स्तर की प्रतियोगिता के लिए खुद को तैयार कर सकेंगी और होटल व पर्यटन उद्योग में नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि इस पहल से राज्य के पर्यटन और फूड इंडस्ट्री को मजबूती मिलेगी और स्थानीय व्यंजनों को नई पहचान मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार युवाओं और खासकर बेटियों के सपनों को साकार करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उनका कहना था कि उत्तराखंड का युवा अब केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बन रहा है। शेफ कोर्स के लिए स्कॉलरशिप जैसी योजनाएं बेटियों को आत्मविश्वास, हुनर और आर्थिक मजबूती देंगी, जिससे वे अपने दम पर आगे बढ़ सकें और राज्य का नाम रोशन कर सकें।

