



उत्तराखंड में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के सख्त पालन को सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने एक नई और आधुनिक व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। अब यदि कोई वाहन बिना जरूरी दस्तावेजों के टोल प्लाजा पार करता है, तो उस पर मौके पर ही स्वतः चालान कट जाएगा और इसकी सूचना वाहन मालिक के मोबाइल फोन पर एसएमएस के जरिए भेज दी जाएगी। इस नई व्यवस्था की शुरुआत सोमवार से की जा रही है, जिससे नियमों का उल्लंघन करने वालों पर बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के कार्रवाई संभव हो सकेगी।
इस प्रणाली को ई-डिटेक्शन सिस्टम के तहत लागू किया जा रहा है। टोल प्लाजा पर लगे हाईटेक कैमरे और फास्टैग तकनीक की मदद से वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर तुरंत पहचान लिया जाएगा। इसके बाद वाहन से जुड़े दस्तावेजों जैसे परमिट, बीमा, फिटनेस प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी कागजात की जानकारी राष्ट्रीय डिजिटल डेटाबेस से स्वतः मिलान की जाएगी। यदि किसी भी तरह की कमी पाई जाती है या दस्तावेजों की वैधता समाप्त हो चुकी होती है, तो सिस्टम तुरंत ई-चालान जनरेट कर देगा।
चालान कटने के साथ ही वाहन मालिक के फास्टैग से जुड़े मोबाइल नंबर पर एसएमएस अलर्ट भेजा जाएगा, जिसमें उल्लंघन का पूरा विवरण, चालान की राशि और ऑनलाइन भुगतान से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। इससे वाहन चालकों को न तो कहीं रोका जाएगा और न ही लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा, बल्कि पूरी कार्रवाई डिजिटल तरीके से पारदर्शी ढंग से पूरी हो जाएगी।
परिवहन विभाग के अनुसार, शुरुआती चरण में परमिट, बीमा और फिटनेस जैसे प्रमुख दस्तावेजों की जांच की जाएगी, जबकि आगे चलकर अन्य जरूरी दस्तावेजों को भी इस प्रणाली में शामिल किया जाएगा। यह व्यवस्था राज्य के प्रमुख टोल प्लाजाओं पर लागू की जा रही है, जिनमें हरिद्वार, देहरादून और ऊधमसिंहनगर जिले के कई टोल प्लाजा शामिल हैं।
सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल यातायात नियमों का पालन बेहतर होगा, बल्कि सड़कों पर बिना वैध दस्तावेजों के दौड़ रहे वाहनों पर भी प्रभावी रोक लग सकेगी। इससे सड़क सुरक्षा मजबूत होगी और ईमानदार वाहन चालकों को भी राहत मिलेगी। इस नई तकनीक के साथ उत्तराखंड उन चुनिंदा राज्यों की सूची में शामिल हो गया है, जहां टोल प्लाजा पर बिना रोके ऑटोमेटिक दस्तावेज जांच और चालान की व्यवस्था लागू की गई है।

