

चारधाम यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु रूप से संचालित करने के लिए परिवहन विभाग ने विशेष रणनीति तैयार की है। यात्रा मार्गों पर निगरानी को और सख्त बनाने के उद्देश्य से विभाग द्वारा एक स्पेशल टास्क फोर्स गठित की जाएगी। इस टास्क फोर्स में कुल छह टीमें शामिल होंगी, जो यात्रा के दौरान अलग-अलग मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर लगातार नजर रखेंगी। इन टीमों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होगा कि यात्रा मार्ग पर चलने वाले सभी वाहन निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन करें।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, चारधाम यात्रा के दौरान भद्रकाली, तपोवन, कुठाल गेट और कटापत्थर जैसे प्रमुख चेक पोस्टों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। यहां से गुजरने वाले वाहनों की सघन जांच की जाएगी, जिसमें वाहन की फिटनेस, चालक का वैध ड्राइविंग लाइसेंस, ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेजों की पड़ताल की जाएगी। जिन वाहनों के दस्तावेज अधूरे या अवैध पाए जाएंगे, उन्हें यात्रा मार्ग पर आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पूरी व्यवस्था पर नजर रखने के लिए मुख्यालय स्तर पर एक कमांड सेंटर भी सक्रिय रहेगा, जहां से यात्रा मार्गों की स्थिति और निगरानी टीमों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। इसके साथ ही ओवरस्पीडिंग और पहाड़ी मार्गों पर रात के समय वाहनों के संचालन पर भी विशेष सख्ती बरती जाएगी, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इस बीच चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का पंजीकरण भी तेजी से जारी है। यात्रा शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु ऑनलाइन पंजीकरण करा रहे हैं। शुरुआती दो दिनों में ही दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कर लिया है, जिनमें सबसे अधिक संख्या केदारनाथ धाम जाने वाले यात्रियों की बताई जा रही है। प्रशासन का मानना है कि इस बार भी चारधाम यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे, इसलिए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत बनाया जा रहा है।







