


देहरादून। राजधानी देहरादून की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान, झंडा जी मेला, होली के पांचवें दिन यानी चैत्र मास की कृष्ण पंचमी को दरबार साहिब में पवित्र ‘झंडे जी’ के आरोहण के साथ विधिवत रूप से शुरू हो गया है। आस्था के इस महाकुंभ में शामिल होने के लिए देश-विदेश से संगतों का रेला उमड़ पड़ा है।
धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत
मेले को लेकर धार्मिक आयोजन 25 फरवरी से ही शुरू हो गए थे। दरबार साहिब परिसर में परंपरा के अनुसार विभिन्न पूजा-अर्चना और विशेष अरदास का सिलसिला जारी है। इस बार यह भव्य मेला 27 मार्च (रामनवमी) तक चलेगा, जिससे करीब एक महीने तक दून घाटी गुरु राम राय महाराज की भक्ति के रंग में सराबोर रहेगी।
देशभर से उमड़ी संगत
झंडा जी के दर्शन और सेवा के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता है। 28 फरवरी से ही उत्तराखंड के स्थानीय भक्तों के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में संगतों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है।
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पैदल टोलियां: कई श्रद्धालु अपनी मन्नतें पूरी होने पर पैदल ही दरबार साहिब पहुंच रहे हैं।
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सेवा भाव: परिसर में बाहरी राज्यों से आई संगतें लंगर सेवा और ‘गिलाफ’ (झंडे जी पर चढ़ाया जाने वाला वस्त्र) की सिलाई में तल्लीन हैं।
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मेले की प्रमुख तिथियां
आयोजन तिथि धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ 25 फरवरी संगतों का आगमन 28 फरवरी से निरंतर झंडा जी आरोहण चैत्र कृष्ण पंचमी (मुख्य दिवस) मेला समापन 27 मार्च (रामनवमी) यह मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे और ‘अनेकता में एकता’ का प्रतीक है, जहाँ हर जाति और धर्म के लोग माथा टेकने पहुंचते हैं।







