

ऋषिकेश | 29 मार्च, 2026
अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच एक बार फिर सड़कों पर उतरा। प्रदर्शनकारियों ने ऋषिकेश के विधायक और कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के आवास का घेराव करने की कोशिश की, हालांकि सोशल मीडिया पर चली लंबी मुहिम के बावजूद प्रदर्शन में भीड़ बेहद कम नजर आई।
कोयल घाटी से आवास तक निकाला जुलूस
मंच से जुड़े कार्यकर्ता और प्रदर्शनकारी सुबह ऋषिकेश के कोयल घाटी पर एकत्रित हुए। यहाँ से सरकार और स्थानीय विधायक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में विधायक प्रेमचंद अग्रवाल के आवास की ओर बढ़े। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मामले में प्रभावशाली व्यक्तियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस ने बंद किया कॉलोनी का गेट, वहीं धरने पर बैठे प्रदर्शनकारी
सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल पहले से ही तैनात था। जैसे ही प्रदर्शनकारी विधायक के आवास के समीप पहुँचे, पुलिस ने कॉलोनी के मुख्य गेट को बंद कर दिया। आगे बढ़ने से रोके जाने पर प्रदर्शनकारियों ने गेट के बाहर ही धरना देना शुरू कर दिया और अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की।
सोशल मीडिया की मुहिम रही बेअसर, ‘मुट्ठी भर’ लोग ही पहुंचे
इस प्रदर्शन की सबसे बड़ी चर्चा भीड़ की कमी को लेकर रही। पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर इस घेराव कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए व्यापक अभियान चलाया गया था और भारी भीड़ जुटने का दावा किया जा रहा था।
- पुलिस की राहत: पुलिस प्रशासन भी बड़ी संख्या में लोगों के आने की आशंका के चलते हाई अलर्ट पर था, लेकिन प्रदर्शनकारियों की संख्या उम्मीद से काफी कम (मुट्ठी भर) देखकर पुलिस ने भी राहत की सांस ली।
भाजपा नेता दुष्यंत गौतम के प्रवेश का विरोध
धरने के दौरान मंच से जुड़े सदस्यों ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम के खिलाफ भी मोर्चा खोला। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि दुष्यंत गौतम को उत्तराखंड राज्य में एंट्री न दी जाए।







