


उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में अल्मोड़ा जनपद के ताड़ीखेत में आयोजित बहुउद्देश्यीय शिविर के दौरान एक अलग और संवेदनशील पहल करते हुए प्रोटोकॉल को दरकिनार कर सीधे जनता से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने शिविर में लगाए गए “मुख्यसेवक” स्टॉल पर बैठकर लगभग डेढ़ घंटे तक आम लोगों की समस्याएं और शिकायतें पूरी गंभीरता के साथ सुनीं और मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने शिविर में पहुंचे नागरिकों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया। शिविर में आईं दिव्यांग महिला दीपा ने जब पेंशन न मिलने की शिकायत मुख्यमंत्री के सामने रखी, तो धामी ने इस पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कागजी कार्यवाही पूरी कर पेंशन जारी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री का यह रुख देखकर शिविर में मौजूद लोगों में प्रशासन के प्रति भरोसा और मजबूत हुआ।
शिविर में सामने आई शिकायतों में राजकीय इंटर कॉलेज के जर्जर भवन की स्थिति, पेयजल योजनाओं से जुड़ी दिक्कतें, ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क व्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी जैसे कई अहम मुद्दे शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि इन सभी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और उनके त्वरित समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने लोगों से एक-एक कर संवाद करते हुए सरकारी योजनाओं के लाभों की जानकारी भी ली और यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस तरह के बहुउद्देश्यीय शिविरों का मुख्य उद्देश्य यह है कि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दूर-दराज के कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें और स्थानीय स्तर पर ही उनकी शिकायतों का निस्तारण हो सके। उन्होंने कहा कि इससे शासन और जनता के बीच विश्वास, सहभागिता और संवाद को और अधिक मजबूत किया जा सकता है।
शिविर के समापन के बाद मुख्यमंत्री रानीखेत के गांधी चौक पहुंचे, जहां उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ चाय पर अनौपचारिक बातचीत भी की। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता अजय बबली ने नगर पालिका से जुड़े कुछ मुद्दे मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। इस पर धामी ने कहा कि संबंधित विषय पर रक्षा मंत्रालय से बातचीत चल रही है और जल्द ही इस दिशा में सकारात्मक पहल की जाएगी। वहीं आधार कार्ड केंद्र खोले जाने की मांग पर मुख्यमंत्री ने बताया कि इस तरह के मुद्दों का समाधान भी ऐसे शिविरों के माध्यम से लगातार किया जा रहा है।

