


ऋषिकेश: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के पावन अवसर पर, शहर की प्रमुख सामाजिक संस्था ‘छोटी सी आशा’ ग्रुप द्वारा एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में समाज के प्रति निस्वार्थ सेवा और समर्पण की मिसाल पेश करने वाली ऋषिकेश की तीन विशिष्ट महिलाओं को सम्मानित किया गया।
ग्रुप के सदस्यों ने बताया कि आज के भौतिकवादी युग में, जहाँ लोग बिना स्वार्थ के कदम नहीं उठाते, इन महिलाओं ने निस्वार्थ भाव से समाज को नई दिशा दी है।
सम्मानित विभूतियां और उनका योगदान
सम्मानित होने वाली तीनों महिलाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर समाज के सामने एक आदर्श स्थापित किया है:
-
बलविंदर कौर: गुरुद्वारा सिंह सभा स्कूल में पिछले 18 वर्षों से शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। उनकी संवेदनशीलता का उदाहरण यह है कि वे उन बच्चों को पिछले कई वर्षों से अपने घर पर नि:शुल्क ट्यूशन पढ़ा रही हैं, जो स्कूल या ट्यूशन की फीस भरने में असमर्थ हैं।
-
मधु आनंद: एक ‘स्पेशल चाइल्ड’ की माता होने के नाते उन्होंने इस दर्द को समझा और समाज के लिए प्रेरणा बनीं। वे वर्तमान में कई स्पेशल बच्चों (विशेष आवश्यकता वाले बच्चों) को ट्रेनिंग देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का सराहनीय कार्य कर रही हैं।
-
-
कमलेश गुप्ता: शिक्षा और कला के क्षेत्र में इनका नाम बड़े सम्मान से लिया जाता है। इन्होंने न केवल बच्चों को संगीत की शिक्षा दी, बल्कि बाल भारती स्कूल की स्थापना कर शिक्षा की लौ को घर-घर तक पहुँचाया।
“हमें गर्व की अनुभूति हो रही है”
समारोह में ‘छोटी सी आशा’ ग्रुप के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। ग्रुप के प्रतिनिधियों ने कहा:
“आज इन तीनों महिलाओं को सम्मानित करते हुए हमें गौरव महसूस हो रहा है। बिना किसी लोभ और लालच के समाज सेवा में जुटी ये महिलाएं आज की पीढ़ी के लिए एक सच्ची मार्गदर्शक और आदर्श हैं।”
इस कार्यक्रम ने न केवल इन महिलाओं के संघर्षों को पहचान दी, बल्कि समाज में यह संदेश भी दिया कि सेवा भाव ही सबसे बड़ा धर्म है।
-







