


भारतीय क्रिकेटर कुलदीप यादव ने शनिवार को वंशिका सिंह के साथ पारंपरिक वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार सात फेरे लिए। मसूरी में आयोजित इस भव्य विवाह समारोह में परिवार के सदस्य, करीबी रिश्तेदार, क्रिकेट जगत से जुड़े कई खिलाड़ी और चुनिंदा अतिथि शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान होटल परिसर में उत्सव और खुशी का माहौल बना रहा तथा सभी ने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की।
सुबह आठ बजे से ही वेलकम होटल द सवाय में विवाह से जुड़े कार्यक्रमों की शुरुआत हो गई थी। दिनभर विभिन्न पारंपरिक रस्मों का आयोजन हुआ, जिसमें मेहमानों ने उत्साह के साथ भाग लिया। शाम चार बजे से हाई टी के साथ साफा बांधने की रस्म निभाई गई। इसके बाद शाम करीब पांच बजे होटल प्रीमियम वैली व्यू विंग से कुलदीप यादव की बरात निकली। पारंपरिक संगीत और ढोल-नगाड़ों के बीच बरात में शामिल मेहमानों और मित्रों ने जमकर नृत्य किया।

शाम करीब साढ़े छह बजे सेंट्रल लॉज में जयमाला की रस्म संपन्न हुई। इससे पहले पूरे कार्यक्रम स्थल को रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया था, जिससे वातावरण बेहद भव्य और मनमोहक दिखाई दे रहा था। शादी की खबर सामने आने के बाद देशभर के क्रिकेट प्रेमियों और प्रशंसकों ने भी सामाजिक माध्यमों के जरिए कुलदीप यादव को बधाई और शुभकामनाएं भेजीं।
नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद देने के लिए बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भी देर शाम मसूरी पहुंचे। उन्होंने सवाय होटल पहुंचकर विवाह समारोह में भाग लिया और वर-वधू को आशीर्वाद दिया। उनके पहुंचते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु और प्रशंसक वहां एकत्र हो गए और उनके साथ तस्वीरें लेने के लिए उत्साहित दिखाई दिए।

शादी समारोह में क्रिकेट जगत की कई जानी-मानी हस्तियां भी शामिल हुईं। इनमें क्रिकेटर तिलक वर्मा, मोहम्मद कैफ, आरपी सिंह, सुरेश रैना, रिंकू सिंह, युजवेंद्र चहल और भारतीय क्रिकेट टीम के क्षेत्ररक्षण प्रशिक्षक टी. दिलीप भी पहुंचे। इस अवसर पर क्रिकेटरों ने संगीत की धुन पर जमकर नृत्य किया और कुलदीप यादव तथा वंशिका सिंह को नए जीवन की शुभकामनाएं दीं।

इस विवाह समारोह को विशेष बनाने के लिए मेहमानों के लिए तीन दिनों तक अलग-अलग कार्यक्रमों और विशेष भोजन की व्यवस्था की गई थी। शुक्रवार से शुरू हुए कार्यक्रमों में मेहमानों के स्वागत के साथ नाश्ता, चाय-नाश्ता, सांस्कृतिक आयोजन और विशेष भोज का आयोजन किया गया। पारंपरिक रस्मों, संगीत और उत्सव के माहौल के बीच यह विवाह समारोह बेहद यादगार बन गया।







