

पौड़ी गढ़वाल की जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर गहन समीक्षा की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आम लोगों को सुलभ, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण इलाज उनके घर के आसपास ही उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि इलाज के लिए मरीजों को अनावश्यक रूप से दूर न जाना पड़े, यह सुनिश्चित करना प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
डीएम ने समीक्षा के दौरान 108 एंबुलेंस सेवा और विभागीय एंबुलेंस के सुचारू संचालन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी एंबुलेंस निःशुल्क सेवा के रूप में सक्रिय रहें और उनकी लॉग बुक का नियमित रखरखाव किया जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में सेवाओं में लापरवाही न हो। इसके साथ ही जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और सुधार के लिए 33.60 लाख रुपये की धनराशि को स्वीकृति दी गई।
स्वास्थ्य जांच सेवाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी, पैथोलॉजी और अन्य आवश्यक जांचें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में नियमित रूप से की जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि उपलब्ध जांचों की पूरी जानकारी स्वास्थ्य केंद्रों में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए, ताकि मरीजों को भ्रम न हो और वे समय पर जांच करा सकें।
गर्भवती महिलाओं की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देते हुए डीएम स्वाति भदौरिया ने कहा कि अल्ट्रासाउंड जैसी जरूरी जांचें महिलाओं के नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर ही उपलब्ध कराई जाएं। इसके लिए जहां जरूरत हो, वहां तकनीशियनों की तैनाती और खराब मशीनों की मरम्मत के लिए बजट स्वीकृत किया गया है, ताकि महिलाओं को दूर-दराज के अस्पतालों के चक्कर न काटने पड़ें।
इसके अलावा जिलाधिकारी ने संस्थागत प्रसवों की प्रभावी निगरानी, हाई रिस्क मामलों की नियमित मॉनिटरिंग और टेलीमेडिसिन सेवाओं को और मजबूत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि तकनीक का सही उपयोग कर दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को भी विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श मिलना चाहिए। बैठक में मौजूद अधिकारियों से डीएम ने अपेक्षा जताई कि सभी निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए, ताकि पौड़ी जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच दोनों में ठोस सुधार हो सके।







