

ऋषिकेश। तीर्थ नगरी ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में घरेलू गैस (LPG) की किल्लत ने आम जनता की रसोई का बजट और सुकून दोनों बिगाड़ दिया है। पिछले कुछ दिनों से उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर बुक करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि लोग घंटों फोन मिलाने के बाद भी बुकिंग नहीं कर पा रहे हैं और गोदामों से भी उन्हें खाली हाथ लौटाया जा रहा है।
तकनीकी बाधा या कृत्रिम संकट?
उपभोक्ताओं का सीधा आरोप है कि तेल कंपनियों ने जानबूझकर बुकिंग नंबरों को ‘इंगेज’ (व्यस्त) कर दिया है। बार-बार डायल करने के बावजूद कॉल कनेक्ट नहीं हो रही है, जिससे गैस बुकिंग की प्रक्रिया ठप पड़ी है।
मुख्य समस्याएं:
- बुकिंग में विफलता: डिजिटल और कॉल आधारित बुकिंग सेवाएं ठप होने से उपभोक्ता परेशान हैं।
- गोदाम से इनकार: जब लोग थक-हारकर सिलेंडर लेने गोदाम पहुँच रहे हैं, तो वहां “बिना बुकिंग सिलेंडर नहीं मिलेगा” कहकर उन्हें वापस भेजा जा रहा है।
- नियमों की पेचिंदगी: सरकार द्वारा गैस सिलेंडर के लिए 25 दिनों की बुकिंग का प्रावधान लागू है, लेकिन वर्तमान स्थिति में यह व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए गले की फांस बन गई है।
युद्ध का असर और सरकारी दावों पर सवाल
स्थानीय चर्चाओं और इनपुट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो देशों के बीच जारी युद्ध की स्थिति का असर अब ऋषिकेश की गैस सप्लाई चेन पर दिखने लगा है। जहाँ एक ओर सरकार पर्याप्त स्टॉक होने का दावा कर रही है, वहीं ज़मीनी हकीकत इन दावों के उलट नजर आ रही है। खाली सिलेंडर लेकर भटक रहे उपभोक्ताओं ने सरकार की व्यवस्था पर कड़े सवाल खड़े किए हैं।
क्या कहते हैं पीड़ित और जिम्मेदार?
”मैं पिछले तीन दिनों से लगातार गैस बुक करने की कोशिश कर रहा हूँ, लेकिन नंबर ही नहीं लगता। घर में सिलेंडर खत्म हो चुका है और अब खाना बनाने की समस्या खड़ी हो गई है। प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए।”
— एक पीड़ित उपभोक्ता
दूसरी ओर, गैस एजेंसी संचालक बलदेव सिंह का पक्ष कुछ अलग है। उनका कहना है कि:
- क्षेत्र में घरेलू गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है।
- जैसे ही उपभोक्ताओं की बुकिंग स्वीकार होती है, सिलेंडर घर तक पहुँचाए जा रहे हैं।
एजेंसी संचालकों और उपभोक्ताओं के बयानों में भारी विरोधाभास है। एक तरफ संचालक आपूर्ति सामान्य बता रहे हैं, तो दूसरी तरफ जनता दाने-दाने को मोहताज होने की कगार पर है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस ‘बुकिंग संकट’ को सुलझाने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।







