

Uttarakhand: मोरी विकासखंड के दूरस्थ फीताड़ी गांव में देर रात एक भीषण अग्निकांड ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। अचानक भड़की आग ने देखते ही देखते लकड़ी के बने घरों को अपनी चपेट में ले लिया और कुछ ही घंटों में कई परिवारों का आशियाना राख में तब्दील हो गया। इस भयावह घटना में करीब बारह लोगों के आवासीय भवन जलकर खाक हो गए, जबकि तीन मवेशी भी आग की चपेट में आकर जिंदा जल गए।
घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की भरसक कोशिश की, लेकिन लकड़ी के मकानों और घनी बस्ती के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। हालात इतने गंभीर हो गए कि आसपास के अन्य घरों के लिए भी बड़ा खतरा उत्पन्न हो गया। आग की लपटें और धुआं पूरे इलाके में फैल गया, जिससे लोगों में भय और बेचैनी का माहौल बना रहा।
सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए और आग पर काबू पाने के लिए अभियान शुरू किया गया। करीब सात घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार आग को नियंत्रित किया जा सका। इस दौरान राहत और बचाव कार्य लगातार जारी रहा, ताकि किसी तरह जान-माल का और नुकसान न हो।
घटना की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तर पर भी त्वरित कार्रवाई की गई। संबंधित अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। प्रशासन की ओर से राहत सामग्री और जरूरी मदद पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि इस कठिन समय में प्रभावित लोगों को सहारा मिल सके।
यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में लकड़ी के मकानों और घनी बसावट के कारण उत्पन्न होने वाले खतरे को उजागर करता है। फिलहाल पूरा गांव इस त्रासदी के सदमे में है और प्रभावित परिवारों के सामने अपने जीवन को दोबारा पटरी पर लाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।







