


उत्तराखंड सरकार ने राज्य में धार्मिक पर्यटन और आध्यात्मिक धरोहर को नई पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बजट में घोषणा की है कि हरिद्वार और ऋषिकेश में काशी और अयोध्या की तर्ज पर गंगा कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य गंगा तटों का व्यापक सौंदर्यीकरण करना, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक घाट और मार्ग तैयार करना तथा इन दोनों धार्मिक नगरों को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है।
सरकार ने बजट में हरिद्वार गंगा कॉरिडोर परियोजना के लिए 10 करोड़ रुपये और ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजना के लिए भी 10 करोड़ रुपये की प्रारंभिक धनराशि का प्रावधान किया है। इस परियोजना के तहत गंगा घाटों का आधुनिकीकरण, सुगम पैदल मार्ग, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक व्यवस्थित और आकर्षक वातावरण मिल सके।
इसके साथ ही वर्ष 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ मेले की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अवस्थापना विकास के लिए भी बड़ी राशि का प्रावधान किया है। बजट में कुंभ मेले की व्यवस्थाओं और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 1027 करोड़ रुपये की घोषणा की गई है। इस धनराशि का उपयोग सड़कों के चौड़ीकरण और मरम्मत, घाटों के विकास, पार्किंग व्यवस्था, यातायात प्रबंधन तथा अन्य जरूरी सुविधाओं के विस्तार में किया जाएगा, जिससे देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
सरकार का मानना है कि गंगा कॉरिडोर के निर्माण और कुंभ मेले की तैयारियों के लिए किए जा रहे ये विकास कार्य न केवल धार्मिक आयोजनों को अधिक व्यवस्थित और भव्य बनाएंगे, बल्कि हरिद्वार और ऋषिकेश में पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति देंगे। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।







