


देहरादून/ऋषिकेश: बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान के केदारनाथ धाम दर्शन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गरमाता जा रहा है। बदरी-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के वर्तमान अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी द्वारा अभिनेत्री को ‘एफिडेविट’ (शपथ पत्र) देने की बात कहे जाने के बाद, अब भाजपा के वरिष्ठ नेता और बीकेटीसी के पूर्व अध्यक्ष अजेंद्र अजय उनके समर्थन में उतर आए हैं।
क्या है पूरा मामला?

हाल ही में बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने एक बयान में कहा था कि सारा अली खान को केदारनाथ में प्रवेश के लिए एक एफिडेविट भरना होगा, जिसमें उन्हें अपनी ‘सनातन धर्म में आस्था’ को स्पष्ट करना होगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मंदिर समिति गैर-हिंदुओं के प्रवेश के संबंध में एक एसओपी (SOP) तैयार कर रही है।
पूर्व अध्यक्ष अजेंद्र अजय का स्टैंड
इस बयान के बाद राजनीति और सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। बीकेटीसी के पूर्व अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने सारा अली खान का पक्ष लेते हुए कहा है कि:
- सारा अली खान की केदारनाथ के प्रति गहरी श्रद्धा रही है और वह नियमित रूप से वहां दर्शन के लिए आती हैं।
- उन्होंने इस तरह की कठोर शर्तों (एफिडेविट) पर सवाल उठाते हुए अभिनेत्री की आस्था का सम्मान करने की बात कही है।
विवाद के मुख्य बिंदु:
- SOP की तैयारी: मंदिर समिति अब गैर-सनातनियों के प्रवेश के लिए लिखित घोषणा या विशेष नियमों पर विचार कर रही है।
- आस्था बनाम औपचारिकता: यह विवाद इस बात पर केंद्रित हो गया है कि क्या किसी श्रद्धालु की व्यक्तिगत आस्था को कानूनी कागजों (Affidavit) के जरिए प्रमाणित किया जाना चाहिए।
- पर्यटन और परंपरा: केदारनाथ में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या और वहां की परंपराओं के संरक्षण के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की जा रही है।
विशेषज्ञों की राय: जानकारों का मानना है कि मंदिर समिति के इस कदम से आने वाले समय में गैर-हिंदू तीर्थयात्रियों और हस्तियों के लिए नियम और भी सख्त हो सकते हैं।







