

चारधाम यात्रा के दौरान बाहरी राज्यों से आने वाले ऑल इंडिया परमिट वाले व्यावसायिक वाहनों की मनमानी पर अब ट्रिप कार्ड के जरिए सख्ती से निगरानी रखी जाएगी। परिवहन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि ग्रीन कार्ड के साथ अब ट्रिप कार्ड बनाना भी अनिवार्य होगा, जिसमें यात्रा से जुड़े चालक और यात्रियों का पूरा विवरण दर्ज करना होगा। प्रत्येक यात्रा मार्ग पर बनाए गए चेक पोस्टों पर इन ट्रिप कार्डों की जांच की जाएगी और यदि जानकारी अधूरी पाई गई तो वाहन को तुरंत वापस लौटा दिया जाएगा। आरटीओ प्रशासन ने सभी एआरटीओ को केंद्र सरकार की ओर से जारी नई परमिट गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि नियमों के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, केंद्र सरकार ने अखिल भारतीय पर्यटक यान (परमिट) से जुड़े नियमों और शर्तों में संशोधन किया है, जो अब चारधाम यात्रा पर आने वाले बाहरी व्यावसायिक वाहनों पर भी लागू होंगे। पहले व्यवस्था यह थी कि बाहरी राज्यों के वाहन ग्रीन कार्ड बनवाकर चारधाम यात्रा मार्गों पर लंबे समय तक संचालित होते रहते थे और कपाट बंद होने के बाद अपने राज्य लौट जाते थे। लेकिन अब नई व्यवस्था के तहत जैसे ही कोई बाहरी वाहन उत्तराखंड में प्रवेश करेगा, उसे ग्रीन कार्ड के साथ ट्रिप कार्ड भी बनवाना अनिवार्य होगा।
ट्रिप कार्ड के जरिए यात्रा से जुड़े हर व्यक्ति का पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा। इसमें वाहन चालक का नाम, यात्रियों के नाम और उनके पते की जानकारी देना अनिवार्य होगा। इसके अलावा वाहन को उत्तराखंड में प्रवेश से पहले जिस राज्य में अंतिम टोल प्लाजा पार किया है, उसकी रसीद भी प्रस्तुत करनी होगी। यात्रियों के ठहरने के लिए जिस होटल में बुकिंग की गई है, उसकी जानकारी और बुकिंग का प्रमाण भी दिखाना होगा। इसके साथ ही चारधाम यात्रा में किसी भी बाहरी वाहन को अधिकतम 60 दिन तक ही संचालन की अनुमति होगी। यह अवधि पूरी होने के बाद वाहन को कम से कम एक बार अपने राज्य लौटना अनिवार्य होगा, अन्यथा इसे परमिट शर्तों का उल्लंघन माना जाएगा।
नई व्यवस्था लागू होने से उत्तराखंड के स्थानीय व्यावसायिक वाहन चालकों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। अब तक बाहरी राज्यों के वाहन ग्रीन कार्ड के आधार पर पूरे सीजन में चारधाम यात्रा मार्गों पर चलते रहते थे, जिससे स्थानीय वाहन चालकों की आय प्रभावित होती थी। लेकिन ट्रिप कार्ड व्यवस्था लागू होने के बाद बाहरी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही पर अंकुश लगेगा और राज्य के वाहन चालकों को भी अधिक अवसर मिल सकेंगे।
आरटीओ (प्रशासन) संदीप सैनी ने कहा कि ऑल इंडिया परमिट वाले व्यावसायिक वाहनों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए ट्रिप कार्ड व्यवस्था लागू की गई है। ग्रीन कार्ड के साथ ट्रिप कार्ड बनाना अनिवार्य होगा और उसमें चालक व यात्रियों का पूरा विवरण दर्ज करना होगा। यदि कोई वाहन चालक नियमों का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।







