


ऋषिकेश | रिपोर्टर: अरविंदर सिंह
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के उत्तराखंड दौरे के दौरान आज ऋषिकेश और हरिद्वार के बीच हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। गृहमंत्री से मिलने हरिद्वार जा रही महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने नेपाली फार्म पर बैरिकेडिंग कर रोक दिया, जिसके बाद जमकर हंगामा हुआ।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच ‘दौड़’
पुलिस द्वारा रोके जाने पर महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला और कार्यकर्ता भड़क गईं। सरकार और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी के बीच एक नाटकीय मोड़ तब आया जब ज्योति रौतेला पुलिस को चकमा देकर पैदल ही हरिद्वार की ओर भागने लगीं। उन्हें भागते देख पुलिस महकमे के हाथ-पांव फूल गए और पुलिसकर्मियों ने भी पीछे दौड़ लगा दी।
सोंग नदी पुल पर हुआ हादसा
पुलिस ने पीछा करते हुए ज्योति रौतेला को सोंग नदी के पुल पर घेर लिया। इस आपाधापी में उनका संतुलन बिगड़ा और वह सड़क पर गिरकर जख्मी हो गईं। पुलिस ने आनन-फानन में उन्हें और जिला अध्यक्ष अंशुल त्यागी को हिरासत में लिया और ऋषिकेश कोतवाली ले आई।
सरकार पर लगाया तानाशाही का आरोप

कोतवाली में हिरासत के दौरान ज्योति रौतेला ने सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा:
“पिछले 9 वर्षों में उत्तराखंड में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ा है और भ्रष्टाचार चरम पर है। महिलाओं की सुरक्षा भगवान भरोसे है। हम इन्हीं मुद्दों पर गृहमंत्री से मिलकर अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन पुलिस का यह व्यवहार सरकार की तानाशाही को दर्शाता है।”
कोतवाली में कांग्रेसियों का जमावड़ा
प्रदेश अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष को हिरासत में लिए जाने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता ऋषिकेश कोतवाली पहुंच गए। पुलिस प्रशासन प्रोटोकॉल का हवाला देकर उन्हें शांत कराने की कोशिश करता रहा, लेकिन कांग्रेसी नेता अपनी पदाधिकारियों की रिहाई और विरोध दर्ज कराने पर अड़े रहे।







