


ऋषिकेश क्षेत्र में लंबे समय से चले आ रहे वन भूमि विवाद को लेकर विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर पूरे मामले की विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने क्षेत्र की जमीनी हकीकत रखते हुए कहा कि वन विभाग की कार्रवाई से बड़ी संख्या में स्थानीय लोग प्रभावित हो रहे हैं, जिससे आम जनता में असमंजस और चिंता का माहौल बना हुआ है। विधायक ने जोर देते हुए कहा कि इस पूरे प्रकरण में कानून के साथ-साथ मानवीय पहलू को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
प्रेमचंद अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद ऋषिकेश के बापूग्राम, 20 बीघा, मीरा नगर, सुमन विहार, गीता नगर, मालवीय नगर, शिवाजी नगर, अमित ग्राम सहित आसपास के कई क्षेत्रों में वन विभाग की कार्रवाई तेज हो गई है। इन इलाकों में वर्षों से रह रहे लोगों को अपने घर और रोजमर्रा की जिंदगी को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। विधायक ने कहा कि अधिकांश लोग लंबे समय से यहां निवास कर रहे हैं और अचानक की जा रही कार्रवाई से उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ रहा है।
विधायक ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि इस संवेदनशील मुद्दे पर सरकार मानवीय दृष्टिकोण अपनाए और प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि विकास, पर्यावरण संरक्षण और जनहित के बीच संतुलन बनाना जरूरी है, ताकि किसी भी वर्ग के साथ अन्याय न हो। स्थानीय लोगों की भावनाओं और समस्याओं को ध्यान में रखते हुए समाधान निकालना समय की मांग है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधायक की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि राज्य सरकार इस पूरे मामले में जनहित को सर्वोपरि रखते हुए उचित समाधान निकालने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी के साथ अन्याय करना नहीं है और इस विवाद का ऐसा संतुलित और न्यायसंगत हल खोजा जाएगा, जिससे कानून का पालन भी हो और आम जनता के हितों की भी रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

