

उत्तराखंड के टिहरी जनपद में आयोजित ‘हिमालयन ओ₂ – द टिहरी लेक फेस्टिवल’ का भव्य आगाज हुआ, जिसमें पर्यटन, साहसिक खेलों और स्थानीय संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि टिहरी झील आने वाले समय में न केवल देश बल्कि पूरी दुनिया में पर्यटन और एडवेंचर स्पोर्ट्स का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार टिहरी क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और यहां पर्यटन से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं को तेजी से विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता, आध्यात्मिक विरासत और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। हिमालय की गोद में स्थित टिहरी झील अपने विशाल जल क्षेत्र और मनमोहक प्राकृतिक वातावरण के कारण जल क्रीड़ा और साहसिक गतिविधियों के लिए बेहद उपयुक्त स्थान बन चुकी है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य टिहरी झील को वाटर स्पोर्ट्स और एडवेंचर गतिविधियों का बड़ा केंद्र बनाना है, जहां देश-विदेश के खिलाड़ी और पर्यटक आकर विभिन्न खेलों और पर्यटन गतिविधियों का अनुभव कर सकें।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने टिहरी क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कोटी कॉलोनी से नई टिहरी तक रोपवे निर्माण की घोषणा की, जिससे पर्यटकों को झील और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों के सुंदर दृश्यों का आनंद लेने का नया अवसर मिलेगा। इसके अलावा लगभग 318 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले कोटी-डोबरा पर्यटन मार्ग का वर्चुअल शिलान्यास भी किया गया। इस परियोजना के पूरा होने के बाद क्षेत्र में आवागमन आसान होगा और पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार टिहरी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम कर रही है। करीब 1300 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाएं यहां संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना भी है। उन्होंने कहा कि टिहरी लेक फेस्टिवल जैसे आयोजनों से न केवल प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है।
महोत्सव के दौरान टिहरी झील में कयाकिंग, कैनोइंग, जेट-स्की, पैरा-सेलिंग और अन्य साहसिक जल क्रीड़ा गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों और स्थानीय लोक परंपराओं से जुड़े आयोजन भी किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति को देश-विदेश से आए पर्यटकों के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे आयोजन भविष्य में टिहरी झील को वैश्विक पर्यटन और खेल मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।







