

ऋषिकेश। योग नगरी ऋषिकेश के पौराणिक वीरभद्र महादेव मंदिर में उस समय कौतूहल और श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा, जब मंदिर परिसर में निर्माण कार्य के दौरान जमीन के भीतर दर्जनों प्राचीन मूर्तियां बरामद हुईं। इन मूर्तियों के मिलने की खबर पूरे क्षेत्र में आग की तरह फैल गई, जिसके बाद दर्शनों के लिए मंदिर में भारी भीड़ उमड़ रही है।
कैसे हुआ मूर्तियों का प्रकटीकरण?
जानकारी के अनुसार, मंदिर परिसर में स्थित एक पुराने पीपल के पेड़ का चबूतरा क्षतिग्रस्त हो गया था। कुछ श्रद्धालुओं ने आपसी सहयोग से इस चबूतरे के नवनिर्माण का कार्य शुरू करवाया। जब पुराने चबूतरे को तोड़कर नींव रखने के लिए खुदाई की गई, तो मिट्टी के भीतर से प्राचीन मूर्तियां निकलनी शुरू हो गईं।
जैसे-जैसे खुदाई आगे बढ़ी, एक के बाद एक एक दर्जन से अधिक मूर्तियां बाहर आईं। यह नजारा देख वहां मौजूद लोग दंग रह गए और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
शताब्दी पुरानी होने का अनुमान
मंदिर के महंत और स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों का मानना है कि ये मूर्तियां कम से कम एक शताब्दी (100 वर्ष) से अधिक पुरानी हो सकती हैं। इन मूर्तियों में विभिन्न देवी-देवताओं की आकृतियां उकेरी गई हैं। हालांकि, इनकी वास्तविकता और सही समय काल का पता भारतीय पुरातत्व विभाग (ASI) की जांच के बाद ही लग पाएगा।
मंदिर प्रबंधन ने सुरक्षित रखी ‘धरोहर’
वीरभद्र महादेव मंदिर के महंत ने बताया कि:
“खुदाई में मिली ये मूर्तियां मंदिर की अमूल्य धरोहर हैं। इन्हें फिलहाल सुरक्षित रख लिया गया है। पुरातत्व विभाग ही स्पष्ट कर पाएगा कि ये कितनी प्राचीन हैं, लेकिन भक्तों के लिए यह साक्षात महादेव की कृपा है।”
प्रमुख बिंदु:
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स्थान: वीरभद्र महादेव मंदिर परिसर, ऋषिकेश।
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क्या मिला: एक दर्जन से अधिक विभिन्न देवी-देवताओं की प्राचीन मूर्तियां।
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स्थिति: मूर्तियों को मंदिर प्रबंधन के संरक्षण में रखा गया है।
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चर्चा: शहर में इसे लेकर कई प्रकार की धार्मिक और ऐतिहासिक चर्चाएं हो रही हैं।







