

ऋषिकेश: नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 19 (शांति नगर) में इन दिनों जनजीवन अस्त-व्यस्त है। क्षेत्र के घरों में नलों से आने वाला पानी ‘अमृत’ नहीं बल्कि ‘जहर’ बनकर निकल रहा है। पेयजल में सीवर का गंदा पानी मिक्स होकर आने के कारण स्थानीय निवासी गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं, लेकिन प्रशासन मौन साधे बैठा है।
क्या है मुख्य समस्या?
स्थानीय निवासी सचिन कुमार शर्मा के अनुसार, कुछ समय पहले क्षेत्र में सीवर लाइन डालने का कार्य किया गया था। आरोप है कि लापरवाही की वजह से पेयजल और सीवर की लाइनें आपस में मिल गई हैं। तब से घरों में बदबूदार और काले रंग का पानी पहुंच रहा है। स्थिति इतनी विकट है कि:
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पानी का रंग और गंध इतनी खराब है कि लोग उसे नहाने या हाथ धोने तक के लिए उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।
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अनजाने में इस पानी का सेवन करने वाले लोग उल्टी और दस्त (Diarrhea) जैसी बीमारियों का शिकार होकर अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं।
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बीमारी के कारण स्थानीय लोगों को इलाज पर मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है।
जनप्रतिनिधियों और विभाग की उदासीनता
क्षेत्रवासियों में प्रशासन और स्थानीय पार्षद के खिलाफ भारी रोष है। लोगों का कहना है कि:
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मामला स्थानीय पार्षद के संज्ञान में लाया गया, लेकिन उन्होंने मौके पर आकर स्थिति का जायजा लेना भी उचित नहीं समझा।
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पार्षद ने अपने पति को मौके पर भेजा, जिन्होंने आश्वासन तो दिया लेकिन धरातल पर समाधान शून्य रहा।
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संबंधित विभाग (जल संस्थान/पेयजल निगम) को बार-बार सूचित करने के बावजूद अधिकारी कुंभकर्णी नींद में सोए हुए हैं।
“हम टैक्स देते हैं ताकि बुनियादी सुविधाएं मिलें, लेकिन यहाँ हमें बीमारी परोसी जा रही है। अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो हम सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे।” > — शांति नगर निवासी
आंदोलन की चेतावनी
वार्डवासियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि अगले कुछ दिनों के भीतर सीवर मिक्स पानी की समस्या को ठीक नहीं किया गया, तो वे संबंधित विभाग के कार्यालय का घेराव करेंगे और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।







