

ऋषिकेश। तीर्थनगरी में हरिद्वार रोड स्थित वैष्णो प्लाजा के बाहर एक व्यापारी द्वारा पार्किंग और राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) की भूमि पर किए जा रहे अवैध निर्माण ने शहर के प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रसूख के दम पर दिनदहाड़े किए जा रहे इस निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों और अन्य व्यापारियों में भारी रोष है।
पार्किंग और हाईवे की जमीन पर कब्जा
मिली जानकारी के अनुसार, वैष्णो प्लाजा के कोने की दुकान में एक नया रेस्टोरेंट खोलने की तैयारी चल रही है। इसी की आड़ में व्यापारी द्वारा दुकान के बाहर ग्राहकों की सुविधा के लिए आरक्षित पार्किंग की खाली भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इतना ही नहीं, निर्माण का दायरा बढ़ाते हुए हाईवे की जमीन को भी चपेट में ले लिया गया है।
दुर्घटनाओं को न्योता और बढ़ती मुश्किलें
इस अतिक्रमण के कारण परिसर में स्थित बैंक और अन्य दुकानों में आने वाले ग्राहकों के लिए पार्किंग का संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्किंग की जगह न होने से लोग अपने वाहन सड़क पर खड़े करने को मजबूर होंगे। वहीं, हाईवे की जमीन पर निर्माण होने से मोड़ पर विजिबिलिटी कम होगी, जिससे भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल
हैरानी की बात यह है कि मामला संज्ञान में होने के बावजूद संबंधित विभाग ठोस कार्रवाई करने के बजाय एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालते नजर आ रहे हैं। जहाँ एक तरफ प्रशासन गरीबों के छोटे-मोटे अतिक्रमण पर तुरंत ‘पीला पंजा’ चला देता है, वहीं इस मामले में अधिकारियों की चुप्पी और “तर्क” देने की शैली चर्चा का विषय बनी हुई है।
क्या कहते हैं अधिकारी?
मामले के संबंध में जब नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल से जानकारी ली गई, तो उन्होंने बताया कि टीम को मौके पर निरीक्षण के लिए भेजा गया था। हालांकि, उन्होंने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि चूंकि मामला नेशनल हाईवे की जमीन से जुड़ा है, इसलिए एनएच (NH) के अधिकारी ही इस पर उचित कार्रवाई करेंगे।
अब सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन तब जागेगा जब यहाँ कोई बड़ा हादसा हो जाएगा? क्या रसूखदार व्यापारियों के लिए नियम अलग हैं? शहर की जनता अब जिम्मेदारों से जवाब और सख्त कार्रवाई की उम्मीद कर रही है।







