

ऋषिकेश के गंगानगर क्षेत्र से धोखाधड़ी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक केयरटेकर और उसके परिवार ने विदेश में रह रहे मकान मालिक की अनुपस्थिति का फायदा उठाकर करोड़ों की संपत्ति हड़पने की साजिश रची।
तीर्थनगरी के गंगानगर क्षेत्र में इंसानियत और भरोसे को शर्मसार करने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहाँ एक केयरटेकर ने न केवल अपने मालिक के विश्वास के साथ खिलवाड़ किया, बल्कि उनकी अनुपस्थिति में कूटरचित (फर्जी) दस्तावेजों के सहारे संपत्ति को अपने नाम करने की नाकाम कोशिश की। केयरटेकर की मृत्यु के बाद उसके परिवार ने इस जालसाजी को जारी रखा। अब डीएम के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
गंगानगर स्थित संपत्ति संख्या 541 के वास्तविक स्वामी रमेश कुमार हैं। बीमारी के चलते रमेश कुमार वर्तमान में डेनमार्क में अपने बेटे के साथ रह रहे हैं। उन्होंने अपनी संपत्ति की देखरेख के लिए मदनलाल शर्मा को बतौर केयरटेकर और किराएदार रखा था।
आरोप है कि रमेश कुमार की गैर-मौजूदगी का फायदा उठाकर मदनलाल ने ₹100 के स्टाम्प पेपर पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और नगर निगम में संपत्ति अपने नाम दर्ज कराने का प्रयास शुरू कर दिया। इसी बीच 8 जनवरी 2021 को मदनलाल की एम्स में मृत्यु हो गई।






पिता की मौत के बाद परिवार ने संभाली ‘धोखाधड़ी’ की कमान
मदनलाल की मौत के बाद यह साजिश रुकी नहीं। आरोप है कि उनकी पत्नी मुक्तेश देवी, बेटे मनीष व करूंन शर्मा और बेटी मीनाक्षी शर्मा ने इस जालसाजी को आगे बढ़ाया। उन्होंने मिलीभगत कर नगर निगम के रिकॉर्ड में हेरफेर करते हुए संपत्ति को अपने नाम दर्ज करा लिया।
ऐसे हुआ खुलासा
इस बड़े फर्जीवाड़े की भनक संपत्ति मालिक रमेश कुमार को 20 जुलाई 2023 को लगी। उन्होंने तुरंत साईं विहार कॉलोनी निवासी प्रमोद कुमार नौटियाल को अपनी ‘पावर ऑफ अटॉर्नी’ दी और कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रमोद कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी (DM) से लिखित शिकायत की।
5 लाख का किराया भी हड़पा
शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने न केवल संपत्ति हड़पने की कोशिश की, बल्कि कोरोना काल के बाद से अब तक का लगभग ₹5 लाख का किराया भी डकार लिया है।
पुलिस की कार्रवाई
डीएम के निर्देश पर मामला पुलिस और नगर निगम तक पहुँचा। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने मृतक मदनलाल शर्मा (मरणोपरांत) सहित उसकी पत्नी और बच्चों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि नगर निगम के किन अधिकारियों या कर्मचारियों की मिलीभगत से यह फर्जीवाड़ा सफल हुआ।







