

ऋषिकेश: देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरा और योग की वैश्विक राजधानी ऋषिकेश एक बार फिर दुनिया भर के योग प्रेमियों के स्वागत के लिए तैयार है। आज, 9 मार्च से परमार्थ निकेतन में सात दिवसीय ‘अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव’ का धूमधाम से शुभारंभ होने जा रहा है। महोत्सव का उद्घाटन पतंजलि योगपीठ के अध्यक्ष बाबा रामदेव बतौर मुख्य अतिथि करेंगे।
प्रमुख आकर्षण और अतिथि
यह महोत्सव 15 मार्च तक चलेगा, जिसमें देश-विदेश की कई दिग्गज हस्तियां शिरकत करेंगी:
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13 मार्च: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति।
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14 मार्च: राज्यपाल गुरमीत सिंह बतौर अतिथि शिरकत करेंगे।
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योग गुरु: दुनिया भर के 150 योगाचार्य साधकों को योग की विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण देंगे।
युद्ध के बीच ‘योग’ बना शांति का सेतु
इस वर्ष के महोत्सव की सबसे खास बात यह है कि वैश्विक तनाव और युद्ध की छाया भी योग के प्रति उत्साह को कम नहीं कर पाई है। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि महाराज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया:
“ईरान और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष के बावजूद, दोनों देशों के योग साधक बड़ी संख्या में यहाँ पहुँचे हैं। यह साबित करता है कि योग सीमाओं और विवादों से परे विश्व शांति का मार्ग प्रशस्त करता है।”
प्रमुख बिंदु: एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
| अवधि | 9 मार्च से 15 मार्च |
| प्रतिभागी देश | 90 से अधिक देशों के साधक |
| मुख्य संदेश | विश्व शांति और सामूहिक प्रार्थना |
| विशेष भागीदारी | युवाओं की रिकॉर्ड संख्या और उत्तराखंड पर्यटन विभाग का स्टॉल |
पीएम मोदी के प्रयासों की सराहना
स्वामी चिदानंद मुनि ने योग के वैश्विक प्रचार-प्रसार का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना काल की चुनौतियों के बीच प्रधानमंत्री ने जिस तरह ऑनलाइन माध्यम से योग को घर-घर पहुँचाया, उसी का परिणाम है कि आज योग को वैश्विक स्तर पर एक नई और मजबूत पहचान मिली है।
7 दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक शांति और विश्व कल्याण के लिए सामूहिक प्रार्थनाएं भी की जाएंगी। उत्तराखंड पर्यटन विभाग भी इस आयोजन में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहा है।







