


ऋषिकेश में वसंतोत्सव का आयोजन इस वर्ष बेहद उल्लास और सांस्कृतिक रंगों के साथ किया गया। पूरे शहर में उत्सव का माहौल देखने को मिला, जहाँ स्थानीय लोगों के साथ-साथ विद्यार्थियों और युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम स्थल पर सुबह से ही चहल-पहल शुरू हो गई थी और देर शाम तक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सिलसिला चलता रहा।

वसंतोत्सव के दौरान मंच पर गायन, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया। विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय संस्कृति और परंपराओं को जीवंत कर दिया। लोकनृत्य और समूह गायन की प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने जमकर तालियाँ बजाईं।

खेल प्रतियोगिताओं ने भी उत्सव में खास आकर्षण जोड़ा। साइकिल दौड़ में युवाओं ने पूरे जोश और उत्साह के साथ भाग लिया, जिसमें एनडीएस स्कूल के भानू पयाल ने प्रथम स्थान हासिल कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। वहीं दंगल प्रतियोगिता में दूर-दराज से आए पहलवानों ने दमखम दिखाया और कुश्ती के रोमांचक मुकाबलों ने दर्शकों को खूब रोमांचित किया।

इस अवसर पर कार्यक्रम का शुभारंभ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने किया। उन्होंने वसंतोत्सव को सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज को एकजुट करने और युवाओं की प्रतिभा को मंच देने का काम करते हैं। आयोजन में विद्यालयों के शिक्षक, अभिभावक, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। कुल मिलाकर ऋषिकेश का वसंतोत्सव सांस्कृतिक समृद्धि, खेल भावना और सामूहिक उत्साह का सुंदर उदाहरण बनकर उभरा।

