


उत्तराखंड में अवैध खनन और नियमों की अनदेखी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय की टीम ने हरिद्वार जिले के लक्सर और हरिद्वार तहसील क्षेत्रों में संचालित स्टोन क्रशरों पर एक साथ छापेमारी की। इस अभियान में कुल 14 स्टोन क्रशरों की जांच की गई, जहां बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और नियमों का उल्लंघन सामने आया। कहीं क्रशर परिसर के भीतर ही अवैध खनन किया जा रहा था, तो कई स्थानों पर उसके आसपास अवैध गतिविधियां चल रही थीं। इसके अलावा अवैध भंडारण, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन भी पाया गया।
इस पूरी कार्रवाई की शुरुआत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक पहुंची शिकायत के बाद हुई। उनके निर्देश पर विभाग के निदेशक राजपाल लेघा के नेतृत्व में टीम ने लक्सर तहसील के फतवा, महतोली, मुज्जफरपुर गुजरा, नेहन्दपुर और जवाहरखान उर्फ झीवरहेड़ी के साथ ही हरिद्वार तहसील के बाडीटीप क्षेत्र में स्थापित स्टोन क्रशरों पर छापेमारी की। जांच के दौरान सामने आया कि कई क्रशरों में न तो सीसीटीवी कैमरे लगे थे और न ही परिसर की चाहरदीवारी सही हालत में थी। इसके साथ ही हरित पट्टी जैसी जरूरी पर्यावरणीय व्यवस्था भी नदारद मिली।
मौके पर ही टीम ने पैमाइश कर सभी 14 स्टोन क्रशरों को सीज कर दिया। साथ ही ई-रवन्ना पोर्टल को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है, ताकि अवैध खनन से जुड़े किसी भी प्रकार के लेन-देन पर रोक लगाई जा सके। विभाग की ओर से इन सभी इकाइयों पर करीब 10 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
जिन स्टोन क्रशरों पर यह सख्त कार्रवाई हुई, उनमें लक्सर तहसील के हाईवे कंस्ट्रक्शन एंड क्रशर, सिंह स्टोन क्रशर, किसान स्टोन क्रशर, शुभ स्टोन क्रशर, सूर्या स्टोन क्रशर, तुलसी स्टोन क्रशर, नेशनल एसोसिएट, लिमरा इंडस्ट्रीज, दून स्टोन क्रशर, गणपति स्टोन क्रशर और वानिया स्टोन क्रशर शामिल हैं। वहीं हरिद्वार तहसील के मां गंगा स्टोन क्रशर, अलकनंदा स्टोन क्रशर और एसएस स्टोन क्रशर भी इस कार्रवाई की जद में आए हैं।
इस कार्रवाई को अवैध खनन के खिलाफ सरकार के सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि नियमों की अनदेखी करने वालों पर अब कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।







