

ऋषिकेश। तीर्थनगरी ऋषिकेश में जंगली जानवरों और इंसानों के बीच बढ़ता संघर्ष अब एक गंभीर संकट का रूप ले रहा है। बीती देर रात एक जंगली हाथी ने ऋषिकेश के मुख्य शहरी इलाकों में घंटों तक ‘सैर’ कर वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। गनीमत रही कि इस दौरान हाथी शांत रहा, जिससे किसी बड़ी जनहानि की खबर नहीं है।
शहर के बीचों-बीच घंटों तक रहा हाथी का मूवमेंट
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना देर रात करीब 1:30 बजे की है। एक विशालकाय हाथी ने बाईपास रोड से शहर की सीमा में प्रवेश किया। देखते ही देखते हाथी शहर के सबसे व्यस्ततम इलाकों— कोयल घाटी, हरिद्वार रोड, एम्स (AIIMS) रोड और गंगानगर तक जा पहुंचा।
सड़क पर अचानक हाथी को देख वहां से गुजर रहे राहगीरों और वाहन चालकों के हाथ-पांव फूल गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हाथी काफी देर तक सड़कों पर चहलकदमी करता रहा, जिसे देख लोग सहम गए और अपनी गाड़ियां दूर खड़ी कर दीं।
वन विभाग की ‘कड़ी मशक्कत’ और चिंता
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने भारी मेहनत के बाद हाथी को रिहायशी इलाके से सुरक्षित खदेड़कर वापस जंगल की ओर भेजा। वन विभाग के अधिकारी कमल राजपूत ने इस घटना को अत्यंत गंभीर बताया है।
“बाईपास रोड से घुसकर बैराज तक पहुंचना एक बहुत लंबी मूवमेंट है। हाथी का इतनी दूर तक शहर के भीतर आना हमारे लिए गहन मंथन और चिंता का विषय है। हम इस नए पैटर्न का विश्लेषण कर रहे हैं।” — कमल राजपूत, वन विभाग
सुरक्षा के लिए वन विभाग की अपील
हाथी की इस लंबी चहलकदमी ने विभाग की नींद उड़ा दी है। सुरक्षा के मद्देनजर वन विभाग ने जनता के लिए निम्नलिखित एडवाइजरी जारी की है:
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तत्काल सूचना दें: यदि हाथी शहरी क्षेत्र में दिखे, तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें।
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सेल्फी और वीडियो से बचें: हाथी के करीब जाकर फोटो खींचने या वीडियो बनाने की गलती कतई न करें, यह जानलेवा हो सकता है।
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उकसाएं नहीं: शोर मचाकर या पत्थर मारकर हाथी को उग्र न करें।
नई रणनीति की तैयारी
ग्रामीण क्षेत्रों के बाद अब हाथियों का रुख सीधे शहर के मुख्य केंद्रों की ओर होना एक बड़ा खतरा है। वन विभाग अब शहर की सुरक्षा को लेकर एक नई रणनीति बनाने पर विचार कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और मानव-वन्यजीव संघर्ष पर लगाम लग सके।







