

Uttarakhand: नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ राज्य के लोगों पर महंगाई का एक और असर दिखाई देने वाला है, क्योंकि एक अप्रैल से बिजली और पानी दोनों सेवाओं के बिल बढ़ने की तैयारी है। प्रस्तावित बढ़ोतरी लागू होते ही आम उपभोक्ताओं के मासिक खर्च में सीधा इजाफा होगा और घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव महसूस किया जाएगा।
पानी की दरों में हर साल की तरह इस बार भी संशोधन किया जा रहा है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पानी की दरों में लगभग नौ प्रतिशत तक वृद्धि लागू होने की संभावना है, जबकि व्यावसायिक श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए यह बढ़ोतरी करीब पंद्रह प्रतिशत तक पहुंच सकती है। इसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों में पानी का मासिक बिल पहले की तुलना में बढ़कर अधिक हो जाएगा और शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों को भी पहले से ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा।
बिजली उपभोक्ताओं को भी इस बार दोहरी मार झेलनी पड़ सकती है। एक तरफ वार्षिक दर संशोधन के तहत नई बिजली दरें लागू होने की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर ईंधन और बिजली खरीद लागत समायोजन से जुड़े अतिरिक्त शुल्क भी जारी रहने की संभावना है। पिछले कई महीनों से इन शुल्कों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है, जिसका असर सीधे बिजली बिल पर पड़ता है। ऐसे में नई दरें लागू होने के बाद बिजली खर्च में भी बढ़ोतरी साफ दिखाई दे सकती है।
पिछले वर्ष भी बिजली की दरों में वृद्धि दर्ज की गई थी और इस बार भी नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ संशोधित दरें लागू होने की उम्मीद है। कुल मिलाकर आने वाले समय में बिजली और पानी दोनों सेवाओं के महंगे होने से आम लोगों के मासिक खर्च पर अतिरिक्त बोझ बढ़ने की आशंका है, जिससे परिवारों को अपने बजट में बदलाव करना पड़ सकता है।







