

Rishikesh: शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस पर सोमवार को पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और सम्मान का माहौल देखने को मिला। जगह-जगह आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से इन महान क्रांतिकारियों के अद्वितीय बलिदान और देश की आजादी में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को भावपूर्ण ढंग से याद किया गया। लोगों ने उनके आदर्शों को नमन करते हुए देशभक्ति की भावना को फिर से जीवंत किया।
चांदमारी स्थित शहीद भगत सिंह तिराहे पर स्थापित उनकी प्रतिमा पर सुबह से ही लोगों का आना-जाना लगा रहा। बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री गुरुनानक देव वेलफेयर सोसायटी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में देशभक्ति का वातावरण बना रहा। वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए कहा कि इन वीर सपूतों ने देश की आजादी के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया और उनका यह त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि आज के युवाओं को उनके जीवन और विचारों से सीख लेकर देश के प्रति अपने कर्तव्यों को समझना चाहिए।
इसी क्रम में श्री गुरु सिंह सभा द्वारा लंगर हॉल परिसर में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जहां वक्ताओं ने शहीदों के बलिदान को राष्ट्र की असली ताकत बताया। उन्होंने कहा कि भगत सिंह और उनके साथियों का त्याग केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि आज भी हर भारतीय के दिल में जिंदा है। वक्ताओं ने युवाओं से आह्वान किया कि वे इन महान क्रांतिकारियों के आदर्शों को अपने जीवन में उतारें और देशहित को सर्वोपरि रखें।
पूरे दिन चले इन कार्यक्रमों में लोगों ने भावुक होकर शहीदों को याद किया और संकल्प लिया कि उनके दिखाए रास्ते पर चलकर देश को और मजबूत बनाएंगे।







