

Uttarakhand: प्रदेश के मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए धामी सरकार लगातार संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार की विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के माध्यम से अब तक प्रदेश के 21 हजार 743 मेधावी विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। सरकार का उद्देश्य प्रतिभाशाली छात्रों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना और उनकी शिक्षा में आने वाली आर्थिक बाधाओं को कम करना है।
राज्य में संचालित छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत अब तक कुल 17 करोड़ 67 लाख 77 हजार 300 रुपये की धनराशि मेधावी विद्यार्थियों में वितरित की जा चुकी है। इनमें सबसे अधिक लाभ मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत मिला है, जिसके तहत अब तक 17 हजार 852 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है।
प्रदेश में इस योजना के साथ ही डॉ. शिवानंद नौटियाल स्मृति छात्रवृत्ति योजना, श्रीदेव सुमन राज्य योग्यता छात्रवृत्ति योजना और राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कोर छात्रवृत्ति योजना भी संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से राज्य सरकार अलग-अलग वर्गों के मेधावी छात्रों को उनकी योग्यता के आधार पर आर्थिक सहयोग दे रही है। इसके अलावा प्रदेश से बाहर स्थित सैनिक स्कूलों में अध्ययन कर रहे मेधावी विद्यार्थियों को भी धामी सरकार की ओर से छात्रवृत्ति का लाभ दिया जा रहा है।
विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सदन में जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत कक्षा 6 से 12 तक के मेधावी विद्यार्थियों को हर वर्ष 600 से लेकर 1200 रुपये तक की छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है।
इसी तरह श्रीदेव सुमन राज्य योग्यता छात्रवृत्ति योजना के तहत अब तक 3 हजार 289 मेधावी छात्रों को लाभ मिल चुका है, जबकि डॉ. शिवानंद नौटियाल स्मृति छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से 527 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी गई है। राज्य सरकार का कहना है कि भविष्य में भी इन योजनाओं को और प्रभावी बनाते हुए अधिक से अधिक प्रतिभाशाली छात्रों को इसका लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि प्रदेश के युवाओं को बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य के अवसर मिल सकें।







