

उत्तराखंड के वित्तीय वर्ष 2025-26 के आर्थिक सर्वेक्षण में राज्य की अर्थव्यवस्था को लेकर अच्छे संकेत मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार राज्य की विकास दर बढ़कर 8.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वहीं राज्य की कुल अर्थव्यवस्था 3.81 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 4.30 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही राज्य में प्रति व्यक्ति आय भी तेजी से बढ़ रही है। यह पहले 2.73 लाख रुपये सालाना थी, जो बढ़कर लगभग 3.60 लाख रुपये सालाना होने की संभावना है।
गुरुवार को प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम ने सचिवालय के मीडिया सेंटर में आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2024-25 में राज्य की जीएसडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) करीब 3,81,889 करोड़ रुपये रही। जबकि 2021-22 में यह लगभग 2.54 लाख करोड़ रुपये थी। यानी कुछ ही वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था में डेढ़ गुना से ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने बताया कि 2021-22 में प्रति व्यक्ति आय 1,94,670 रुपये थी, जो 2024-25 में बढ़कर 2,73,921 रुपये हो गई। इस साल का आर्थिक सर्वेक्षण नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) के सहयोग से तैयार किया गया है।
प्रति व्यक्ति आय में बड़ी बढ़ोतरी
उत्तराखंड में साल 2001 में प्रति व्यक्ति आय सिर्फ 15,285 रुपये थी। यह 2022 में बढ़कर 1.94 लाख रुपये हो गई और 2025 में 2.73 लाख रुपये तक पहुंच गई। अब अनुमान है कि आने वाले समय में यह 3.60 लाख रुपये सालाना तक पहुंच सकती है।
विकास दर लगातार बढ़ रही
राज्य की विकास दर 2022 में 4.71 प्रतिशत थी। इसके बाद 2025 में यह बढ़कर 7.23 प्रतिशत हो गई। नए अनुमान के अनुसार 2026-27 में विकास दर 8.2 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।
पर्यटन सेक्टर में तेज बढ़ोतरी
उत्तराखंड में पिछले 25 सालों में पर्यटन क्षेत्र में काफी तेजी आई है। राज्य बनने के समय 2001 में होटलों की संख्या 4803 थी, जो अब बढ़कर 10509 हो गई है। वहीं होम स्टे की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। पिछले पांच साल में यह 3955 से बढ़कर 6161 हो गई है। इससे गांवों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं।
पर्यटकों की संख्या भी बढ़ी
राज्य में आने वाले घरेलू पर्यटकों की संख्या 2001 में 1.05 करोड़ थी, जो अब बढ़कर 6.01 करोड़ हो गई है। यानी करीब छह गुना बढ़ोतरी हुई है। वहीं विदेशी पर्यटकों की संख्या 54,701 से बढ़कर 1,92,533 तक पहुंच गई है।
चारधाम यात्रा में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी
चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। पहले यह संख्या करीब 10 लाख थी, जो अब बढ़कर 56 लाख से ज्यादा हो गई है। पर्यटकों की सुविधा के लिए राज्य में हेलीपोर्ट की संख्या 2 से बढ़कर 7 हो गई है और हेलीपैड 60 से बढ़कर 118 तक पहुंच गए हैं।
होमस्टे से बढ़ रहा रोजगार
सरकार की योजनाओं और सब्सिडी की वजह से होम स्टे का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। होम स्टे के लिए 50 प्रतिशत तक कैपिटल सब्सिडी और लोन के ब्याज पर भी 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। इसके अलावा सरकार होम स्टे की ब्रांडिंग और मार्केटिंग में भी मदद कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे गांवों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर बढ़ रहे हैं।







