


ऋषिकेश: गोविंद नगर को लंबे समय से परेशान कर रहे कूड़े के विशाल ढेर से जल्द निजात मिलने की उम्मीद जगी है। नगर निगम ने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए अपनी कवायद तेज कर दी है और कूड़े के ढेर की सफाई के लिए लगभग आठ करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर उसे स्वीकृति के लिए शासन को भेज दिया है। निगम का कहना है कि जैसे ही डीपीआर को मंजूरी मिलेगी, सफाई कार्य के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
गोविंद नगर क्षेत्र में वर्षों से जमा कूड़े के ढेर से उठने वाली दुर्गंध और प्रदूषण के कारण स्थानीय लोग भारी परेशानी झेल रहे हैं। इस कूड़े के कारण न केवल क्षेत्र का वातावरण दूषित हो रहा है, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर भी इसका असर पड़ रहा है। अब नगर निगम की इस पहल से गोविंद नगर के निवासियों को स्वच्छ हवा और बेहतर पर्यावरण मिलने की उम्मीद बंधी है।
वर्ष 2018 में नगर निगम के गठन के बाद से ही गोविंद नगर से कूड़ा हटाने के प्रयास किए जा रहे थे। कूड़े के स्थायी निस्तारण के लिए नगर निगम को लाल पानी बीट क्षेत्र में लगभग 10 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है, जहां आधुनिक कूड़ा निस्तारण केंद्र का निर्माण किया जा रहा है। इस व्यवस्था के तैयार होने से शहर में कचरा प्रबंधन को स्थायी समाधान मिलने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में गोविंद नगर में करीब एक लाख 30 हजार मीट्रिक टन कूड़ा डंप है। इस विशाल कूड़े के ढेर के हटने के बाद न केवल गोविंद नगर, बल्कि पूरे शहर के वातावरण में सुधार होगा और वायु गुणवत्ता भी बेहतर होने की उम्मीद है।
नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने बताया कि गोविंद नगर में कूड़े के ढेर की सफाई के लिए डीपीआर तैयार कर शासन को भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि डीपीआर स्वीकृत होते ही निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी और कूड़े के शीघ्र निस्तारण के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। नगर निगम की इस पहल से क्षेत्रवासियों को वर्षों पुरानी समस्या से राहत मिलने की उम्मीद नजर आने लगी है।

