


गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर उत्तराखंड के लिए गौरव का क्षण सामने आया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्य के पुलिस, अग्निशमन, होमगार्ड, सिविल डिफेंस और सुधारात्मक सेवाओं से जुड़े 12 अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित करने की घोषणा की है। यह सम्मान उन कर्मियों को दिया जाता है, जिन्होंने कर्तव्य के प्रति असाधारण निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण का परिचय देते हुए समाज और राष्ट्र की सेवा में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
इस वर्ष घोषित राष्ट्रपति पुरस्कारों में उत्तराखंड कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सदानंद दाते का नाम विशेष रूप से शामिल है। उन्हें केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में लगभग सात वर्षों तक दी गई विशिष्ट और प्रभावी सेवाओं के लिए राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पुलिस पदक से सम्मानित किया जाएगा। सीबीआई में अपने कार्यकाल के दौरान सदानंद दाते ने कई जटिल और संवेदनशील मामलों की निष्पक्ष एवं पेशेवर जांच की, जिससे न केवल संस्थान की विश्वसनीयता को मजबूती मिली, बल्कि कानून व्यवस्था में जनता का भरोसा भी और गहरा हुआ।
इसके अलावा सीबीआई देहरादून शाखा में तैनात इंस्पेक्टर धर्मेंद्र को सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है। उन्हें यह सम्मान कर्तव्य के प्रति निष्ठा, अनुशासन और अपने दायित्वों के कुशल निर्वहन के लिए दिया जा रहा है। उनके कार्यों को विभागीय स्तर पर भी लंबे समय से सराहा जाता रहा है।
राष्ट्रपति पदक उन अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक सर्वोच्च सम्मान माना जाता है, जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा और साहस के साथ निभाते हैं। उत्तराखंड के 12 कर्मियों को यह सम्मान मिलने से न केवल उनके परिवारों और विभागों में खुशी का माहौल है, बल्कि इससे पूरे राज्य का मान भी राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा है। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और सेवा में उत्कृष्टता की संस्कृति को और मजबूत करेगी।







