

Dehradun: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को राज्य सचिवालय में कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के निधन पर शोक व्यक्त करने के साथ हुई। इस अवसर पर कैबिनेट के सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अजीत पवार ने अपने सार्वजनिक जीवन में समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण के लिए करुणा, संवेदनशीलता और पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि इस दुखद हादसे में दिवंगत सभी पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवारों को इस असहनीय पीड़ा को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

शोक प्रस्ताव के बाद कैबिनेट बैठक में राज्य हित से जुड़े कुल आठ महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा कर निर्णय लिए गए। चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग से जुड़े निर्णय के तहत अब ऐसे स्वास्थ्य कार्यकर्ता, जिन्होंने पांच वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली है, उन्हें आपसी सहमति के आधार पर अपने ही जनपद के भीतर तबादले का अवसर मिलेगा, जिससे विभागीय व्यवस्थाओं में अधिक लचीलापन आएगा।
राजस्व विभाग से संबंधित फैसले में यह तय किया गया कि आपसी सहमति के स्तर पर अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के अलावा सीधे भूमि स्वामियों से जमीन खरीदी जा सकेगी। इससे विकास कार्यों के लिए भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया सरल और त्वरित होगी। वहीं पराग फार्म की वह भूमि, जो पहले सिडकुल को दी गई थी, उसे किसी अन्य को बेचने या पट्टे पर देने का प्रावधान नहीं होगा, हालांकि सिडकुल को उस भूमि को सब-लीज पर देने की अनुमति रहेगी।
जनजाति कल्याण विभाग के अंतर्गत देहरादून, उधमसिंह नगर सहित चार जिलों में जनजातीय कल्याण अधिकारी के नए पदों को स्वीकृति दी गई है, जिससे जनजातीय समाज से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। इसके साथ ही उत्तराखंड में गैर-कृषि कार्यों के लिए उपयोग में लाई जा रही भूमि को छोड़कर औद्योगिक इकाइयों और आवासीय सोसाइटियों में जल मूल्य प्रभार लगाने का निर्णय लिया गया है। भूमिगत जल के व्यावसायिक उपयोग पर भी शुल्क देना होगा, जिससे जल संसाधनों का संतुलित और जिम्मेदार उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
कैबिनेट ने उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन को भी मंजूरी दी, जिसके तहत जीआरडी को उत्तराखंड विश्वविद्यालय का दर्जा मिलेगा। इस संबंध में आगामी बजट सत्र में विधानसभा में अध्यादेश लाया जाएगा। इसके अलावा चिन्यालीसौड़ और गौचर हवाई पट्टियों को संयुक्त रूप से रक्षा मंत्रालय को देने पर सहमति बनी है, जिन्हें अब मिलकर संचालित किया जाएगा।
बैठक में ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तराखंड हाइड्रोजन नीति 2026 को भी मंजूरी दी गई। इस नीति के अंतर्गत दी जाने वाली सब्सिडी से जुड़े फैसले मुख्य सचिव की अध्यक्षता में लिए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इस नीति से राज्य में स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में नए निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और उत्तराखंड ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में उभरेगा।







