

Rishikesh: डोईवाला नगर की होनहार बेटी वैष्णवी कौशल ने बर्फीले मैदान पर शानदार प्रदर्शन कर इतिहास रच दिया है। उन्होंने क्षेत्र की पहली आइस हॉकी खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल करते हुए न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे डोईवाला का नाम रोशन किया है। लेह–लद्दाख में आयोजित खेलो इंडिया राष्ट्रीय प्रतियोगिता में अपने बेहतरीन खेल से सभी का ध्यान खींचने वाली वैष्णवी जब प्रतियोगिता से लौटकर घर पहुंचीं, तो परिजनों और स्थानीय लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया।

डोईवाला निवासी वैष्णवी कौशल माउंट लिटरा जी स्कूल, भानियावाला में कक्षा 11 की छात्रा हैं। खेल के प्रति उनका जुनून परिवार से ही मिला है। उनके पिता अनुराग कौशल उत्तराखंड पुलिस में कार्यरत हैं और स्वयं वॉलीबॉल के राष्ट्रीय खिलाड़ी रह चुके हैं, जबकि माता जया कौशल गृहिणी हैं। माता-पिता ने आइस हॉकी जैसे चुनौतीपूर्ण और खर्चीले खेल में आगे बढ़ने के लिए वैष्णवी को हर कदम पर प्रोत्साहित किया, जिसके चलते आज वह इस मुकाम तक पहुंच सकी हैं।
राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में वैष्णवी का चयन राजस्थान की टीम से हुआ था। अपने शानदार कौशल, तेज़ी और खेल भावना से उन्होंने दर्शकों और निर्णायकों का मन मोह लिया। वैष्णवी ने बताया कि उत्तराखंड में फिलहाल आइस हॉकी की कोई टीम नहीं होने के कारण उन्हें खेलो इंडिया के तहत राजस्थान की टीम से खेलने का अवसर मिला। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तराखंड में इस खेल की अपार संभावनाएं हैं और देहरादून में इसके लिए धीरे-धीरे माहौल तैयार हो रहा है। आने वाले समय में राज्य की अपनी आइस हॉकी टीम भी तैयार होगी।
वैष्णवी ने यह भी बताया कि उनकी छोटी बहन यश्वी भी आइस हॉकी के लिए खुद को तैयार कर रही है। आइस हॉकी जैसे कठिन और चुनौतीपूर्ण खेल में राष्ट्रीय स्तर पर भाग लेना ही अपने आप में बड़ी उपलब्धि है, लेकिन उनका अगला लक्ष्य देश के लिए खेलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा लहराना है।
उनकी इस उपलब्धि पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष विनय कंडवाल, वॉलीबॉल के राष्ट्रीय खिलाड़ी प्रदीप कौशल, भारतभूषण, पेले आरव सहित कई गणमान्य लोगों और खेल प्रेमियों ने वैष्णवी को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।







