


उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कश्मीरी युवक के साथ हुई बर्बर मारपीट की घटना ने पूरे देश का ध्यान खींचा है। इस घटना को लेकर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कड़ी नाराज़गी जताई है और उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात कर मामले में तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की है। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि ऐसी घटनाएं न केवल अमानवीय हैं, बल्कि देश की एकता और आपसी भाईचारे पर भी सवाल खड़े करती हैं।

यह घटना देहरादून के विकासनगर क्षेत्र के डाकपत्थर इलाके में सामने आई, जहां कश्मीरी युवक और उसके परिवार के साथ पहले पहचान पूछी गई। जैसे ही यह सामने आया कि वे कश्मीर से हैं और मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, माहौल अचानक हिंसक हो गया। आरोप है कि युवक को बेरहमी से पीटा गया, उसके साथ गाली-गलौज की गई और उसके परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी मारपीट की गई। हमलावरों ने लात-घूंसे, थप्पड़ और लोहे की रॉड तक का इस्तेमाल किया, जिससे पीड़ित परिवार को गंभीर चोटें आईं।
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि जम्मू-कश्मीर भी भारत का अभिन्न हिस्सा है और कश्मीरियों को देश के किसी भी हिस्से में डर के साए में नहीं जीना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल पहचान या धर्म के आधार पर किसी नागरिक के साथ हिंसा करना पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय से भी अपील की कि राज्यों को इस मुद्दे पर संवेदनशील बनाया जाए ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
वहीं उत्तराखंड सरकार की ओर से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आश्वासन दिया है कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में रह रहे जम्मू-कश्मीर के नागरिकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी तरह की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस घटना के बाद राजनीतिक हलकों में भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में कश्मीरियों के साथ हो रही ऐसी घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और सरकार को केवल बयान नहीं, बल्कि ज़मीन पर ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। यह मामला एक बार फिर देश में सामाजिक सौहार्द और नागरिक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।







