

Uttarakhand: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया बजट 2026‑27 देश की अर्थव्यवस्था और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस बजट को भारत की प्रगति की उड़ान का प्रतिनिधित्व करने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल वित्तीय प्रावधानों का दस्तावेज नहीं है, बल्कि आने वाले दशक के लिए देश के लिए स्पष्ट रोडमैप भी है, जो भारत को आत्मनिर्भर, समृद्ध और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में तेजी से आगे ले जाएगा।
सीएम धामी ने बजट में किए गए प्रावधानों को विशेष रूप से समावेशी और विकासोन्मुखी बताते हुए कहा कि यह सिर्फ आर्थिक वृद्धि को नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, अवसरों का समान वितरण और युवाओं, किसानों, महिलाओं और छोटे उद्यमियों के लिए अवसरों का सृजन भी सुनिश्चित करता है। उन्होंने बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रक्षा, नवाचार, अवसंरचना और पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्राथमिकता देने की तारीफ की। उनके अनुसार, ये कदम न केवल राज्य और केंद्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगे, बल्कि लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने में भी मदद करेंगे।
विशेष रूप से, मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के लिए बजट में किए गए प्रावधानों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्यों के लिए प्रकृति आधारित पर्यटन, इको‑फ्रेंडली ट्रेकिंग ट्रेल्स और स्थानीय रोजगार सृजन के उपाय महत्वपूर्ण हैं। इसके माध्यम से न केवल पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं और ग्रामीण इलाकों में आजीविका के नए अवसर भी विकसित होंगे।
धामी ने बजट को ‘सबका साथ, सबका विकास’ का बजट बताया और कहा कि यह देश के सभी वर्गों और राज्यों के लिए अवसरों को बढ़ाने का काम करेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की दूरदर्शिता की भी तारीफ की, जिनके नेतृत्व में यह बजट देश की आर्थिक समृद्धि और सामाजिक समानता दोनों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया।
उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए बल्कि आने वाले वर्षों के लिए भी मार्गदर्शक सिद्ध होगा, जिससे देश और राज्य के विकास को नई गति मिलेगी और सभी नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। बजट 2026‑27 ने अर्थव्यवस्था के सभी स्तरों को ध्यान में रखते हुए विकास की उड़ान को नई दिशा दी है और इसे सीएम धामी ने ‘विकसित भारत‑2047’ के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में वर्णित किया है।







