Rishikesh: जर्मन बैंक केएफडब्ल्यू के वित्तीय सहयोग से ऋषिकेश शहर और आसपास के क्षेत्रों में एकीकृत विकास योजना के तहत करीब 1800 करोड़ रुपये की लागत से व्यापक विकास कार्य किए जाने की तैयारी है। इस महत्त्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत शहर के बुनियादी ढांचे को आधुनिक स्वरूप देने के साथ-साथ धार्मिक और पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। शनिवार को उत्तराखंड अर्बन सेक्टर डेवलपमेंट एजेंसी के कार्यक्रम निदेशक अभिषेक रूहेला ने नगर निगम क्षेत्र सहित मुनि की रेती, तपोवन और स्वर्गाश्रम क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर प्रस्तावित योजनाओं की प्रगति और तैयारियों की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान कार्यक्रम निदेशक ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना से जुड़े कार्यों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर शीघ्र तैयार की जाए, ताकि प्रस्तावों को शासन स्तर पर समय रहते भेजा जा सके। योजना के तहत ऋषिकेश शहर में चंद्रभागा नदी के दोनों ओर बाढ़ सुरक्षा तटबंधों का निर्माण किया जाएगा, जिनका सौंदर्यीकरण आस्था पथ की तर्ज पर किया जाएगा। इसके साथ ही आईएसबीटी परिसर में बहुमंजिला भवन का निर्माण और लगभग 400 बसों की क्षमता वाली भूमिगत पार्किंग विकसित करने का प्रस्ताव है। नगर निगम क्षेत्र के चार वार्डों में सीवर लाइन के विस्तार के साथ सड़कों के सौंदर्यीकरण का कार्य भी इस योजना का अहम हिस्सा होगा।
इसी क्रम में मुनि की रेती, तपोवन और स्वर्गाश्रम जौंक क्षेत्र में भी कई विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। निरीक्षण के दौरान निदेशक अभिषेक रूहेला ने संबंधित विभागों द्वारा अपनाई जा रही प्रक्रियाओं की विस्तार से समीक्षा की और अधिकारियों से कहा कि सभी आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करते हुए योजनाओं की डीपीआर और प्रस्ताव जल्द से जल्द शासन को भेजे जाएं, ताकि परियोजनाओं को धरातल पर उतारा जा सके।
महापरियोजना के अंतर्गत त्रिवेणी घाट को भव्य और दिव्य स्वरूप देने की भी योजना है। बरसात के मौसम में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण त्रिवेणी घाट के जलमग्न हो जाने की समस्या को देखते हुए घाट को तीन से चार फीट तक ऊंचा किया जाएगा। साथ ही घाट को आकर्षक बनाने के लिए फसाड लाइटिंग से रोशन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त रंभा नदी और संजय झील के सौंदर्यीकरण का कार्य भी प्रस्तावित है, जिससे क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन आकर्षण को और बढ़ावा मिलेगा।
निरीक्षण के दौरान कार्यक्रम निदेशक अभिषेक रूहेला ने गौरादेवी चौक, इंद्रमणि बडोनी चौक, रोडवेज वर्कशॉप और त्रिवेणी घाट सहित शहर के विभिन्न हिस्सों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ऋषिकेश शहर की सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए कहा कि स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाने की जरूरत है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर की साफ-सफाई को लेकर कोई लापरवाही न बरती जाए और व्यवस्था को जल्द से जल्द चाक-चौबंद किया जाए।

