

ऋषिकेश के स्वर्गाश्रम मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम को बुधवार को कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। जैसे ही कार्रवाई की सूचना फैली, स्थानीय व्यापारी और भाजपा कार्यकर्ता मौके पर एकत्र हो गए और टीम को घेर लिया। विरोध कर रहे लोगों का आरोप था कि प्रशासन की कार्रवाई एकतरफा है और केवल कुछ चुनिंदा अतिक्रमणकारियों को ही निशाना बनाया जा रहा है, जबकि अन्य को छोड़ दिया गया है। इसी बात को लेकर माहौल तनावपूर्ण हो गया और कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी।

एसडीएम चतर सिंह चौहान के नेतृत्व में नगर पंचायत की टीम जेसीबी मशीन के साथ स्वर्गाश्रम मुख्य मार्ग पर पहुंची थी। प्रशासन की ओर से यहां करीब 50 अतिक्रमण चिन्हित किए गए थे, जिन्हें हटाने की तैयारी की गई थी। लेकिन कार्रवाई शुरू होने से पहले ही व्यापारियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने लक्ष्मणझूला थाना क्षेत्र के पास टीम को रोक लिया और विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अतिक्रमण हटाने से पहले न तो उन्हें कोई लिखित नोटिस दिया गया और न ही पर्याप्त पूर्व सूचना दी गई, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ेगा।
व्यापारियों ने यह भी कहा कि कोरोना काल के बाद से ही उनका कारोबार पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट पाया है और बड़ी मुश्किल से ठेले-खोखे लगाकर परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। ऐसे में अचानक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई उनके लिए और परेशानी खड़ी कर देगी। विरोध बढ़ता देख प्रशासन ने मौके पर ही स्थिति को संभालते हुए फिलहाल कार्रवाई रोक दी।
एसडीएम चतर सिंह चौहान ने बताया कि नगर पंचायत की ओर से पहले भी मुनादी के माध्यम से अतिक्रमण हटाने की सूचना दी गई थी, लेकिन उसका असर नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि लोगों की आपत्तियों और विरोध को देखते हुए अब अतिक्रमणकारियों को स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए 15 दिन की मोहलत दी गई है। इस अवधि के बाद नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी दीपक कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। स्वर्गाश्रम क्षेत्र में अतिक्रमण को लेकर हुए इस विरोध ने प्रशासन और स्थानीय व्यापारियों के बीच टकराव की स्थिति पैदा कर दी है, जिससे आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।







