


देहरादून के तिब्बती मार्केट में शहीद कर्नल आरसी शर्मा के बेटे और गैस एजेंसी संचालक अर्जुन शर्मा की हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस मुठभेड़ में दोनों आरोपी घायल हो गए और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस के अनुसार, पहली मुठभेड़ रायपुर थाना क्षेत्र के लाडपुर जंगल में हुई। जब पुलिस ने संदिग्धों को घेरने की कोशिश की, तो उन्होंने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे पकड़ लिया गया। इसके बाद दूसरी मुठभेड़ लालतप्पड़ क्षेत्र की एक पुरानी बंद फैक्ट्री में हुई। यहां भी आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में दूसरे आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।

दोनों घायलों को इलाज के लिए कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह ने अस्पताल जाकर आरोपियों की स्थिति और पूरी कार्रवाई की जानकारी ली। पुलिस ने आरोपियों के पास से तमंचे और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी बरामद की है।
एसएसपी ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में दोनों आरोपियों ने हत्या करने की बात कबूल कर ली है। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस हत्या के पीछे किसकी साजिश थी और किसने आरोपियों को मदद दी।
पुलिस का कहना है कि यह हत्या भाड़े के शूटरों द्वारा की गई है। आरोपियों ने घटना से पहले अर्जुन शर्मा की पूरी रेकी की थी। जब अर्जुन फल खरीदकर अपनी कार की ओर लौट रहे थे, तभी पहले से घात लगाए हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी। फल बेचने वाले दुकानदारों ने भी पुलिस को यही जानकारी दी है। जांच में यह भी सामने आया है कि अर्जुन शर्मा की हत्या की वजह पारिवारिक संपत्ति विवाद हो सकता है। पुलिस के अनुसार, पिछले पांच सालों से अर्जुन और उनकी मां के बीच गैस एजेंसी की कमाई और अन्य संपत्तियों को लेकर विवाद चल रहा था।
अर्जुन की पत्नी अभिलाषा ने आरोप लगाया है कि उनकी सास और कुछ अन्य लोगों ने मिलकर भाड़े के शूटरों से अर्जुन की हत्या करवाई। उनका कहना है कि अर्जुन इस लेनदेन का विरोध कर रहे थे और इसी कारण परिवार में रंजिश बढ़ गई थी। यह मामला कोर्ट तक भी पहुंच गया था। फिलहाल पुलिस सभी नामजद लोगों की भूमिका की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या पारिवारिक विवाद के कारण ही शूटरों को हत्या की सुपारी दी गई थी।







